कोविड के बाद विदेशी सैलानियों की सबसे ज्यादा भीड़…

Biz Foreign Tourist Arrivals In India Will Cross Pre Pandemic Www.thehindi.in
Biz Foreign Tourist Arrivals In India Will Cross Pre Pandemic Www.thehindi.in

जम्मू। वैष्णो देवी का भारत के धार्मिक पर्यटन में काफी महत्व है। कोविड के बंदिशे खत्म होने के बाद  जम्मू संभाग में एक बार फिर पर्यटकों की रौनक लौटने लगी है। पर्यटकों के बढ़ते रूझान से यहां के स्थानीय लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल की तुलना में अगस्त महीने तक 65 लाख से ज्यादा श्रद्धालों ने दर्शन किया है। पिछले साल यह आंकड़ा 60 लाख के करीब था।

बताया जा रहा है कि जिस रफ्तार से यात्रियों की टोली में विदेशी यात्री भी भाग ले रहे हैं वह काफी खुशी की बात है। इस साल 6900 से अधिक विदेशी यात्री माता के दर्शन कर चुके हैं। स्थानीय लोगों की माने तों जिस रफ्तार से विदेशी यात्री माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं उससे कुछ पिछले कुछ सालों का रिकार्ड टूट सकता है।

जम्मू संभाग में धार्मिक पर्यटन में सबसे ज्यादा यात्री माता के दर्शन करने आते हैं। बताया जा रहा है कि 2022 में अगस्त तक कोई विदेशी यात्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए नहीं आया था, लेकिन इस साल विदेशी सैलानियों के आने की संख्या में काफी बढ़त देखी जा रही है। आंकड़ों को देखें तो मई महीने तक माता वैष्णो देवी के दर्शन में विदेशी यात्रियों ने कोई रूझान नहीं दिखाया लेकिन पिछले जून के महीने से विदेशी यात्रियों का आना शुरू हो गया, जिस की संख्या 500 से ज्यादा थी। अगस्त के महीने में विदेशी यात्रियों की संख्या 4200 से अधिक हो गई, जिन्होंने माता के दरबार में हाजिरी लगाई।

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों अमरनाथ की यात्रा रूकने के कारण नेपाल आदि देशों से यात्रियों ने माता वैष्णो देवी की ओर रूख किया। विदेशी यात्रियों की संख्या बढ़ने से जम्मू का धार्मिक पर्यटन अपनी ऊंचाइयों को एक बार फिर से छू सकता है। पिछले साल की तुलना में इस साल माता के दर्शन करने घरेलू यात्री भी अधिक संख्या में पहुंचे हैं। लोगों की माने तो इन संख्या में आने वाले महीनों में और भी तेजी से बढ़ने के आसार हैं। आगामी महीने में छुट्टियों भी पर रही है और साल के अंतिम महीन दिसंबर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

और पढ़ें-

कौन थी भारत की मोनालिसा….बणी-ठणी

भारतीय संस्कृति की परिचायक नटराज की मूर्ति……

कालबेलिया डांस का संबंध है सांपों से। जानिए कैसे…

Desk The Hindi

लेखक भारतीय समाज और संस्कृति के तत्वदर्शी हैं