पुरानी बातें

Kapoor Sugandh Hi Nahin Karta Hai Nirog Bhi Www.thehindi.in

कर्पूर सुगंध ही नहीं, करता है निरोग भी

टीम हिन्दी कर्पूर नाम तो सुना होगा आपने. देखा भी होगा. स्वच्छ, सफेद इस पदार्थ को. पूजा पाठ में आरती के समय हर जगह होता है. मंदिर और घर में. क्या आप जानते हैं कि कर्पूर केवल सुगंध नहीं फैलाता है. कर्पूर के उपयोग से...
Images (1)

जब हुमायूं को बांधी थी राखी

  टीम हिन्दी रक्षा बंधन महज एक त्योहार नहीं है. यह सबंधों की थाती है. पौराणिकता के साथ इतिहास है, तो सांस्कृतिक विरासत भी है. आज हम और आप भले ही इसे एक त्योहार मानते हों. भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार कहते हों, लेकिन...
Www.thehindi.in

साहित्य में समृद्ध है सावन का स्वर

  टीम हिन्दी सावन के महीने को बरसात ऋतु का पर्याय माना जाता है. इसी कारण, यह साहित्यकारों को बहुत प्रिय रहा है. साहित्य सर्जना के अंकुर फूट जाते हैं. संस्कृत साहित्य में अगर कालिदास के वर्षा ऋतु के वर्णन को सबसे अनुपम पक्ष माना...
Gurukul

धर्म और संस्कृति के संवाहक- ये गुरुकुल

भारत की आत्मा, उसका अध्यात्म,उसकी अजेय संस्कृति, प्राचीन परंपरा, प्रतिष्ठा गुरुकुलों में निवास करती हैं। जहां गुरुकुल से शिक्षित धर्माचार्य धर्म ध्वजा के संवाहक होते हैं, वहीं ज्ञान का ज्योतिर्मय दीप बंन धरा के अंधकार, अज्ञानता, कुरीतियों ,अंधविश्वासों को समूल नष्ट करने में सक्षम होते...
Khadi

खादी: स्वतंत्रता संग्राम से आधुनिकता तक का सफर

1.भारतीय इतिहास में खादी का महत्व: खादी, एक वस्त्र जो इतिहास और परंपरा के धागों से गहराई से जुड़ा हुआ है, भारतीय सांस्कृतिक धरोहर में एक महत्वपूर्ण स्थान ग्रहण करता है। इसकी उत्पत्ति प्राचीन काल में होती है जब हाथ से उत्पन्न और हाथ से...
India’s First Museum

आइए आज आपको भारत के सबसे पहले संग्रहालय की सैर करा लाएं।

India's First Museum:  वैसे तो हम सभी ने बचपन में ही संग्रहालय अथवा म्यूजियम के बारे में जरूर सुना या पढ़ा होगा। हम जानते भी होंगे कि संग्रहालय वह स्थान है जहां हमारी सभ्यता और संस्कृति के विभिन्न् साक्ष्य रूपी आयामों को सहेज कर रखा...
Jaipuria Razai

ठंड और जयपुरिया रजाई, याद आई की नहीं आई

Jaipuria razai: देश में सर्दी ने दस्तक दे दी है। रात को ठंड भी पड़नी शुरू हो गई है। ऐसे में ठंड के साथ किसी चीज का नाम सबसे पहले जुड़ता है तो वह है रजाई। रजाई को लेकर सोचो तो ऐसे लगता है जैसे...
Www.thehindi.in

जिसे दिया श्राप, उससे ही मिला विवाह का आर्शीवाद- तुलसी विवाह

TULSI VIVAH:तुलसी कहने को एक पौधा मात्र हो सकता है। लेकिन शास्त्रों में इसे लेकर कई सारी बाते कही गई हैं। वैसे तो तुलसी के औषधीय महत्व को आज का विज्ञान भी मानता है। लेकिन इसकी जड़े भारतीय संस्कृति में बहुत पुरानी जमी है। भारत...
Mayasur

क्या आप जानते हैं…सिर्फ भगवान विश्वकर्मा नहीं हैं भारत में वास्तु के देवता

नई दिल्ली। वैसे तो हिंदुओं में मान्यता है कि वास्तुशास्त्र के देवता के रूप में स्वयं भगवान विश्वकर्मा स्थापित हैं। हम जब भी कोई घर, दुकान या कोई अन्य प्रतिष्ठान बनाते हैं तो वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है। वास्तु में दिशा, प्रकाश, वायु,...
Chandan

समृद्धि और सौंदर्य का रास्ता खोलता है चंदन

चंदन की लकड़ी भारतीय परंपराओं की एक महत्वपूर्ण अंग है. आदि काल से इसका प्रयोग पूजा, हवन, कर्मकांड में बहुत किया जाता है. भारतीय परंपरा में कोई भी पूजा और हवन बिना चंदन की लकड़ी के पूर्ण नहीं होता. कर्म दैवीय हो या पितृ, चंदन...
How Useful Are Pottery

कितने उपयोगी हैं मिट्टी के बर्तन ?

तपती धूप में झुलसने के बाद जब सूखी मिट्टी पर बारिश की बूंदे गिरती हैं, तो उसकी सौंधी खुशबू से धरती महक उठती है. जब गर्मी के मौसम में चिलचिलाती धूप से घर पहुंचे और घड़े का ठंडा पानी मिल जाये तो मन आनंदित हो...
Daatun

दातुन : निरोग और सुंदर दांतों के लिए जरूरी

क्या आपके दांतों में दर्द है ? क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है? ऐसा पूछते आपने टी.वी में सुना होगा. हम आपसे ऐसा कुछ नहीं पूछेंगे, बल्कि आपको यह बताएंगे कि अपने दांत का ध्यान कैसे रख सकते हैं. यकीन मानिए, दांत और दातुन का...
Vrdh Jan

अनुभव के हिमशिखर -ये वृद्ध जन

वृद्धजन हमारे भारतीय सभ्यता संस्कृति के संवाहक हैं। युवा पीढ़ी को, बच्चों को अपने पुरातन संस्कारों रीति रिवाज से अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके उपस्थिति मात्र से ही घर सुरक्षित महसूस होता है।  उनका अनुभव और ज्ञान हमें जीवन के मार्गदर्शन में...
Bhagavad Gita

श्रीमद्भगवत गीता के बारे में विभिन्न महापुरुषों के विचार

श्री भगवद्गीता  में 700 श्लोक हैं जिसमें से 574 भगवान श्रीकृष्ण जी ने कहे हैं और 75 अर्जुन ने कहे हैं और बाकी संजय और धृतराष्ट्र ने कहे हैं। भगवान ने संपूर्ण वेदों पुराणों का सार एक ही जगह लाकर भगवद्गीता  के माध्यम से संसार...
Charpai

आपने लिया है चारपाई का आनंद

टीम हिन्दी पहले गलियों-मोहल्लों में चारपाई बीनने वालों की आवाजें आया करती थीं, किंतु अब ये आवाजें सुनाई नहीं देतीं. अब चारपाई बीनने वाले शायद ही मिले सकें. वर्तमान समय में नायलान की पट्टी से महज आधे घंटे में एक फोल्डिंग पलंग तैयार कर दिया...