जब दुनिया महिला के शिक्षा को लेकर चौतरफा बहस कर रही है। नारी शिक्षा जहां बहस का एक अहम मुद्दा बना हुआ है। वहीं भारतीय संस्कृति में कई ऐसी नारी विभूतियों ने जन्म लिया है,जो की समाज को एक नई राह दिखाने में उस समय...
भारत सिर्फ एक सभ्यता नहीं ,संस्कृति नहीं बल्कि गवाह है खुद के इतिहास को बचाने,बनाने और समय के साथ संवारने की भी। वेद की संस्कृति से जहां एक सभ्यता की शुरूआत हुई और समय के साथ साथ बाहरी आतातायियों से लेकर ब्रिटिश औपनिवेश का सामना...
गणों के अधिपति श्री गणेश जी प्रथम पूज्य हैं।शास्त्रों में सर्वप्रथम उन्हीं की पूजा का विधान है।उनके बाद ही अन्य देवताओं की पूजा की जाती हैं। किसी भी कर्मकांड में श्री गणेश की पूजा-आराधना सबसे पहले की जाती है। क्योंकि गणेश जी विघ्नहर्ता हैं।और आने...
हरतालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते हैं। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन होता है। इस दिन कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियाँ गौरी-शङ्कर की पूजा करती हैं।हरतालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते...
भारतीय में शिक्षा का आधार गुरूकुल परंपरा ही रहा है।गुरू का स्थान हमारे समाज में भगवान से भी आगे रखा गया है।इसी गुरूकुल परंपरा का एक जीता जागता उदाहरण है, भारत के शैक्षणिक दुनिया के मानस पर अंकित तक्षशिला विश्वविधालय ।तक्षशिला विश्वविधालय दुनिया का सबसे...