59 की उम्र में मशहूर अभिनेता ऋतुराज सिंह का हुआ निधन, टीवी की दुनिया में दुख की लहर

Televisiontv Actor Rituraj Singh Died Due To Heart Attack At The Age Of 59 Www.thehindi.in
Televisiontv Actor Rituraj Singh Died Due To Heart Attack At The Age Of 59 Www.thehindi.in

 

आप सभी को यह जानकर बहुत दुःख होगा की  अपने सख्त अंदाज़ से सबका मन भा लेने वाले ऋतुराज सिंह की कल रात 19 फरवरी को 59 वर्ष की उम्र में निधन हो गया | इस खबर ने पूरी टीवी की दुनिया और इससे जुड़े दर्शकों के बीच दुख का माहौल बना दिया |ऋतुराज जी अग्नाशय से जुड़ी  बीमार से पीड़ित थे। जिसके कारण  वे लंबे समय तक अस्पताल  में  भर्ती रहे  | कल रात घर लौटते समय सीने में अचानक  दर्द उठने के कारण उनकी मृत्यु हो गयी | ऋतुराज जी ने कई  टेलीविज़न कार्यक्रम जैसे  ‘अपनी बात ‘, ‘ज्योति’, ‘दिया और बाती हम’ और कई फिल्मों जैसे ‘अभय’, ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया ‘ में बेहतरीन किरदार निभाया है | उनके किरदार  हमारे मन को  हमेशा ही भाते रहे है | आखिरी बार उन्हें ‘अनुपमा’ नामक टेलीविज़न कार्येक्रम में अभिनय करते देखा गया था |

लंबे वक्त से थे बीमार

सुनने में आया है की वे अग्नाशय बीमारी के कारण  बहुत समय से परेशान चल रहे थे। जिसके  कारण उन्हें अस्पताल में   भी भर्ती  होना पड़ा था | कल रात वे अस्पताल से वापस घर जा रहे थे की तभी अचानक उनके सीने में काफी दर्द  शुरू हो गया, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया | उनके करीबी दोस्त अमित बहल ने इस खबर की पुष्टि की है | ऋतुराज सिंह के मौत की खबर से ना सिर्फ उनके परिजन बल्कि पूरी फिल्म तथा टीवी इंडस्ट्री को धक्का लगा है। परिवार वालों के साथ-साथ उनके फैंस भी इस जानकारी के बाद दुखी हैं।

हार्ट अटैक ने ले ली जान

उनके दोस्त अमित बहल ने दुख के साथ बताते हुए कहा कि  – ” कार्डियक अरेस्ट के कारण ऋतुराज जी का निधन हुआ है| वे काफी  समय से बीमार चल रहे थे, रात में कार्डियक कॉम्प्लीकेशन्स हुई और अस्पताल ले जाने के क्रम में वे चल बसे | ” चाहे आज वह हमारे साथ हो या ना हो लेकिन उनकी यादें, उनके किरदार हमेशा हमारे साथ रहेंगे |

और पढ़ें-

भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में क्या है खास ? जानें विस्तार से

क्या है शैव, वैष्णव और ब्रह्म तिलक, जानें विस्तार से

कस्तूरी हिरण की कस्तूरी ही है इसकी जान की दुश्मन, जानें क्यूं ?

 

 

Desk The Hindi

लेखक भारतीय समाज और संस्कृति के तत्वदर्शी हैं