Musk is the enemy of musk deer’s life

कस्तूरी हिरण की कस्तूरी ही है इसकी जान की दुश्मन, जानें क्यूं ?

कस्तूरी कुण्डली बसै मृग ढ़ूँढ़ै बन माहि। ऐसे घटी घटी राम हैं दुनिया देखै नाँहि।। Musk Deer: कबीर के इस दोहे के बारे में हिन्दी साहित्य की पुस्तकों में पढ़ा जरूर होगा। इस दोहे का भावार्थ है कि जिस तरह कस्तूरी की महक उसके मृग...