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International Hindi Olympiad

हमारी रगों में रची-बसी है हिन्दी

नई दिल्ली। भाषा प्रेमी तरुण शर्मा ने हिन्दी भाषा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारी रगों में रची-बसी है हिन्दी, यह हमारी पहचान और संस्कृति का हिस्सा है। हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारे दिलों और विचारों में गहराई से बसी हुई...
Mol Se Snatak Chatr Kaise Bane Hindi Sangharsh Ka Rashtrey Prateek Www.thehindi.in

जेएनयू से निष्कासित छात्र कैसे बना हिन्दी-संघर्ष का राष्ट्रीय प्रतीक

डॉ. वेद प्रताप वैदिक, लेखन और पत्रकारिता का एक जाना माना चेहरा जो भारत के प्रख्यात लेखक, पत्रकार, विचारक और स्वप्नद्रष्टा रहे, डॉ. वेद प्रताप वैदिक की पहचान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है।बल्कि लोगों के बीच हिंदी भाषा को जिंदा रखनें वाले प्रबल समर्थक...