सावन में जब कानों में पड़े कजरी के बोल

टीम हिन्दी लोकगीतों की रानी कजरी सिर्फ गाने भर ही नहीं है, बल्कि यह सावन की सुंदरता और उल्लास को दिखाती है. सावन का महीना आते ही जब हर तरफ हरियाली छा जाती है, झूले पडने लगते हैं तो इस खास मौके पर लड़कियां कजरी...

भारतीय खाने जैसा कोई नहीं – भारतीय राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन

 ‘जैसा खाओ अन्न वैसा होवे मन, अच्छा होवे मन तब बन जाओ भगवन; हम जो भोजन करते हैं उससे हमारा शरीर बनता है। इसको आधुनिक चिकित्सा शास्त्र भी मानता है। भारतीय ज्ञान इससे भी ऊपर है। भोजन के साथ भाव का भी महत्व है, क्योंकि इससे...

सुख और शांति का दूसरा नाम है स्वर्ण मंदिर

टीम हिन्दी जिस तरह हिंदुओं के लिए अमरनाथ जी और मुस्लिमों के लिए काबा पवित्र है उसी तरह सिखों के लिए स्वर्ण मंदिर महत्त्व रखता है. सिक्खों के लिए स्वर्ण मंदिर बहुत ही महत्वपूर्ण है, और सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है. पंजाबियों में एक...

सावन की बूंदों के संग घेवर की मिठास

टीम हिन्दी सावन का सबसे खास व्यंजन है घेवर. अधिकतर लोग सावन में इसे खाना पसंद करते हैं. बरसात के मौसम में कई तरह के व्यंजन बनते हैं लेकिन घेवर की बात की कुछ अलग है. यह मैदे से बना, मधुमक्खी के छत्ते की तरह...

भारतीयों का सर्वोत्तम गुण रहा है आत्मनिर्भरता

“मैं निश्चयपूर्वक कहता हूँ कि जो युवा पुरुष सब बातों में दूसरों का सहारा चाहते हैं, जो सदा एक न एक नया अगुआ ढूंढा करते हैं और उनके अनुयायी बना करते हैं, वे आत्म संस्कार के कार्य में उन्नति नहीं कर सकते । उन्हें स्वयं...

हिंदी भाषा की विभिन्न बोलियाँ और उनका विस्तार

हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं, भारत में कुल 18 बोलियाँ हैं,जिनमें अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, हड़ौती,भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी,छत्तीसगढ़ी, मालवी, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया, कुमाउँनी, मगही आदि प्रमुख हैं। हिंदी की पाँच उपभाषाएँ हैं पश्चिमी हिंदी - पश्चिमी हिंदी का विकास शौरसैनी अपभ्रंश से हुआ...

साहित्य में समृद्ध है सावन का स्वर

टीम हिन्दी सावन के महीने को बरसात ऋतु का पर्याय माना जाता है. इसी कारण, यह साहित्यकारों को बहुत प्रिय रहा है. साहित्य सर्जना के अंकुर फूट जाते हैं. संस्कृत साहित्य में अगर कालिदास के वर्षा ऋतु के वर्णन को सबसे अनुपम पक्ष माना जाता...

पुस्तक जैसा कोई नहीं: विशाल सहाय

येषां न विद्या न तपो न दानं, ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः। ते मर्त्यलोके भुविभारभूता, मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति॥ भावार्थ: जिन लोगों के पास न तो विद्या है, न तप, न दान, न शील, न गुण और न धर्म। वे लोग इस पृथ्वी पर भार...

जिंदगी से रूबरू कराती मधुशाला

हरिवंश राय बच्चन की कालजयी कृतियों में से एक है मधुशाला. मधुशाला में बच्चन जी के व्यक्तित्व और जीवन दर्शन की झलक है. बच्चन हालावाद (वह कविता, जिसमें शराब और नायिका की प्रधानता हो) के प्रवर्तक माने जाते हैं. इनके काव्य में इस धारा का...

लौंग: देखन में छोटन लगे, है बड़े हितकारी

टीम हिन्दी लौंग बेशक आकार में छोटा है, लेकिन इसके कई चमत्कारी फायदे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि लौंग सर्दी-खांसी से लेकर मधुमेह और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी काम आता है. लौंग को दादी नानी के नुस्को में एक विशेष...

कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी) की एबीसीडी

जमाना खुद को दोहराता है - बात साबित हो गयी है जनाब। सीडी 15-20 साल पहले समसामयिक थी, अब मुख्य धारा से दूर छिंटक के विपक्ष में बैठ गयी है। वो तो भला हो पार्टी लेबलधारी महानुभावों का जिन्होंने सीडी को विलुप्त होने से रोका...

राजनीतिक शुचिता की मिसाल थी सुषमा स्वराज

 डॉ. नंद किशोर गर्ग  सुषमा स्वराज अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके न होने का अहसास मुझे अब तक नहीं हो रहा है। ऐसा लगता है मानो वह एक बार फिर मेरे सामने होंगी और हंसते हुए अपने चिरपरिचत अंदाज में कहेंगी कैसे है...

क्रिएटिविटी और क्षमताओं को रिबूट करें इस लॉकडाउन में

वर्तमान का सच यही है कि हम और आप लाॅकडाउन में जी रहे हैं। कोरोना ने भारत में दस्तक दी और चंद दिनों के बाद ही केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में लाॅकडाउन लागू कर दिया गया। लाॅकडाउन से तात्पर्य यह है कि...

पूरी तरह से स्वदेशी कंपनी है महिन्द्रा

टीम हिन्दी महिंद्रा समूह भारत के सबसे प्रतिष्ठित 10 शीर्ष औद्योगिक घरानों में से एक है. इस प्रसिद्ध समूह को लुधियाना (पंजाब) में आनंद महिंद्रा के दादा बंधुओं जगदीशचंद्र व कैलाशचंद्र महिंद्रा (के.सी. महिंद्रा) द्वारा स्थापित किया गया था. आनंद महिंद्रा, महिंद्रा समूह की प्रमुख...

जरा सा परिवर्तन, जो आपको रखेगा हिट और फिट

अभी का समय सोचने का है। कोरोना के कारण समस्या गंभीर है। पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। इसके पर्याप्त कारण भी है। पूरी दुनिया ने माना है कि हम भारतीयों का रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत अधिक मजबूत है। इसके पीछे हमारी जीवनशैली...