गायन को क्यों कहा गया पंचम वेद ?

कहते हैं संगीत ईश्वर का रूप है। सुर के संसार में अनहद जागता है। हमारा शास्त्र, गायन को पंचम वेद कहता है। भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है। सामवेद में संगीत के बारे में गहराई से चर्चा की गई है। यह...

समाज के कर्मवीर: नीरज शर्मा, MLA फरीदाबाद

शत शत नमन उस संकल्प को जो कर्म पथ पर रूकता नहीं संक्रामक विपदा के काल में हमारा सेवा कार्य थमा नहीं। इसे आत्मसात किया है नीरज शर्मा ने। फरीदाबाद के लोगों के लिए नीरज शर्मा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि उम्मीद की किरण हैं।...

लॉकडाउन: आइये घर पर रहकर कुछ तूफानी करते हैं!

भारत में कोरोना की भयावहता को देख कर 70 से अधिक जिलों को लॉकडाउन कर दिया है। लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी जा रही है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को यदि संभव है तो अपने घरों से कार्य करने की छूट...

भारत का गौरव: हिमालय

टीम हिन्दी हिमालय भारत की धरोहर है। हिमालय पर्वत की एक चोटी का नाम 'बन्दरपुच्छ' है। यह चोटी उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल ज़िले में स्थित है। इसकी ऊँचाई 20,731 फुट है। इसे सुमेरु भी कहते हैं। हिमालय एक पूरी पर्वत शृंखला है, जो भारतीय उपमहाद्वीप...

अपनी पहचान बनाइए, हिन्दी में हस्ताक्षर कीजिये

हिन्दी हमारी मातृभाषा है। मनुष्य की मातृभाषा उतनी ही महत्व रखती है, जितनी कि उसकी माता और मातृभूमि रखती है। एक माता जन्म देती है, दूसरी खेलने- कूदने , विचरण करने और सांसारिक जीवन निर्वाह के लिए स्थान देती है। तीसरी, मनोविचारों और मनोगत भावों...

बढ़ती संवादहीनता और बिखरते परिवार!

इंसान अपने विचार को भाषा के माध्यम से अभिव्यक्त करता है। मन के विचारों को प्रकट करने के लिए भाषा एक सशक्त माध्यम है। भाषा संवादों की जननी है। पारिवारिक जीवन में संवाद ही परिवार के लोगों को परस्पर बाँध कर रखते हैं। यदि आपस...

विश्व भर में पहुँच है हमारी हिन्दी की

यदि यह कहा जाए कि 21वीं विज्ञान एवं तकनीक के सहारे पूरी दुनिया एक वैश्विक गाँव में तब्दील हो रही है और स्थलीय व भौगोलिक दूरियां अपनी अर्थवत्ता खो रहीं हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. वर्तमान विश्व व्यवस्था आर्थिक और व्यापारिक आधार पर ध्रुवीकरण...

रामायण धारावाहिक जिसने लगाया था जनता कर्फ्यू!

जैसा कि आप लोग जानते ही हैं 28 मार्च 2020 से प्रातः और रात 9 बजे से रामानंद सागर कृत रामायण का दुबारा प्रसारण होने जा रहा है। 90 के दशक में रामायण के प्रसारण के समय सड़कें खाली हो जाती थी। यह जनता द्वारा स्वेच्छा से...

इतिहास के पन्नों में अशोक-1

अशोक स्तब्ध थे! कलिंग विजय ने आखिर उन्हें क्या मिला यह सोच वह रथ से पैदल ही उतर आए। चारों तरफ रक्त रंजित शव बिखरे हुए थे। उन शवों से उठने वाली दुर्गन्ध ने अशोक की साँसों को जैसे रोक दिया हो। बच्चे बूढ़े और जवानों की लाशों पर...

एमिल फार्मास्यूटिकल बनी दुनिया की पहली कंपनी जिसने बनाई हर्बल एंटी-बायोटिक दवाई!

बात बात पर एंटी-बायोटिक खाने वालों के लिए खुशखबरी है कि आयुर्वेद ने भी हर्बल एंटी-बायोटिक दवाई की खोज कर ली है। जी आपने बिलकुल ठीक सुना आयुर्वेदिक दवाई बनाने वाली एमिल फार्मास्यूटिकल ऐसी पहली कंपनी बनी जिसने फीफाट्रोल नाम की  हर्बल एंटी-बायोटिक टेबलेट तैयार की...

लोगों का झुकाव बढ़ रहा है प्राकृतिक चिकित्सा की ओर

टीम हिन्दी प्राकृतिक चिकित्सा कई चिकित्साओ से मिलकर बना है जैसे कि जल चिकित्सा,सूर्य चिकित्सा,मृदा चिकित्सा, आयुर्वेद, योग, आदि पद्धतियों से मिलकर बना है. ऐसा मानना है कि सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति यही है. इस चिकित्सा का मूल आधार यह है कि अगर आपका खान...

भारतीय नववर्ष- घर के खालिश सोने को छोड़कर विदेशी पीतल को सोना समझने की आदत को होगा बदलना! 

भारत की अपनी अद्भुत काल गणना है। तदपि देश की युवा पीढ़ी विदेशी नववर्ष के मोह में पड़ कर भ्रमित हो रही है। घर के ख़ालिस सोने को छोड़कर विदेशी पीतल को सोना समझने की आदत को बदलना होगा। भारत की कालगणना सम्पूर्ण रूप से वैज्ञानिक...

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की त्रिमूर्ति भारत के लिए रहेगी वंदनीय!

"वे झूल गए थे फांसी पर मेरी आज़ादी की खातिर"  कुछ एहसान ऐसे होते हैं जिनको हम कभी नहीं उतार सकते। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की त्रिमूर्ति सदा से भारत के लिए वंदनीय थी है और रहेगी। 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेजों की बहरी...

निर्भया के गुनहगारों की फांसी पर लोग खुश हो रहे हैं लेकिन एक फांसी के बाद खुल गए थे भारत की स्वतंत्रता के द्वार! 

निर्भया हत्याकांड के गुनहगार लगभग सात साल बाद अपने अंजाम पर पहुंच गए। निर्भया केस के चारों दोषियों को आज सुबह 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। इस तरह हजारों कानूनी अड़चनों के बाद निर्भया को इन्साफ मिला। भारत में ऐसे...

ओरछा जितना पौराणिक उतना ही ऐतिहासिक भी!

मध्यप्रदेश का ओरछा जमुना की सहायक नदी बेतवा नदी के किनारे बसा एक पौराणिक शहर है। ओरछा भारतीय इतिहास की स्थापत्य कला का बेजौड़ नमूना है। इसी खूबी के कारण यह देश विदेश के सैलानियों के लिए कौतुहल का विषय है। गंगा यमुनी संस्कृति की...