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दिल्ली के पूर्व महापौर स्व. महेश चंद्र शर्मा जी की स्मृति में शिक्षक सम्मान एवं छात्रवृत्ति समारोह

नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व महापौर व हिंदी भाषा के पुरोधा स्व. महेश चंद्र शर्मा जी की स्मृति में गठित न्यास द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी भवन, दिल्ली में शिक्षक सम्मान एवं छात्रवृत्ति समारोह का आयोजन शनिवार, 6 सितंबर 2025 को हुआ। महेश...
Navratr

क्यों रखा जाता है नवरात्रों के दौरान ‘व्रत’

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ।। अर्थात्- हे नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगल मयी हो, कल्याण दायिनी शिवा हो, सब पुरुषार्थो को सिद्ध करने वाली, शरणागत वत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो। सर्वप्रथम, तुम्हें...
Mayasur

क्या आप जानते हैं…सिर्फ भगवान विश्वकर्मा नहीं हैं भारत में वास्तु के देवता

नई दिल्ली। वैसे तो हिंदुओं में मान्यता है कि वास्तुशास्त्र के देवता के रूप में स्वयं भगवान विश्वकर्मा स्थापित हैं। हम जब भी कोई घर, दुकान या कोई अन्य प्रतिष्ठान बनाते हैं तो वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है। वास्तु में दिशा, प्रकाश, वायु,...
Tom Alter

टॉम अल्टर: उतने ही भारतीय थे, जितने कि हम और आप

जब भी हम और आप किसी के रंग-रूप से उसका आकलन करते हैं, तो गलत साबित होते हैं. सही में उसके बारे में विस्तार से जानना है, तो उसके व्यक्तित्व और कृतित्व का आकलन करना होगा. ऐसा ही कुछ हाल है अभिनेता टाॅम अल्टर के...
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वजन घटाना है तो खाएं कंटोला

टीम हिन्दी क्या आपने खाया है कंटोला ? कंटोला एक हरी सब्जी है, जिसे हर क्षेत्र में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. कोई इसे खेकसी कहता है, कोई कांकेड, कहीं यह चठैल के नाम से बिकता है. नाम चाहे जो हो, लेकिन इतना तय...
Chandan

समृद्धि और सौंदर्य का रास्ता खोलता है चंदन

चंदन की लकड़ी भारतीय परंपराओं की एक महत्वपूर्ण अंग है. आदि काल से इसका प्रयोग पूजा, हवन, कर्मकांड में बहुत किया जाता है. भारतीय परंपरा में कोई भी पूजा और हवन बिना चंदन की लकड़ी के पूर्ण नहीं होता. कर्म दैवीय हो या पितृ, चंदन...
National Flag

भारत के राष्ट्रीय झंडे का रोचक सफर

टीम हिन्दी भारत का राष्ट्रीय ध्वज जिसे आज 'तिरंगा' भी कहा जाता है कि कहानी भी बड़ी रोचक है. तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है. इसकी कल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी. इसे 15 अगस्त...
Mile Sur 2

‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ से बने पहचान हमारा

देश आजाद हुए 41 साल हो गए थे. राजीव गाँधी लाल किले पर भाषण दे रहे थे. पूरा देश आजादी के उत्सव में डूबा हुआ था. उस समय राजीव गाँधी के भाषण के बाद दूरदर्शन पर एक गीत प्रस्तुत हुआ. लोग अपने टी.वी के सामने...
15 August Image Thehindi

’15 अगस्त’ को भारत के सिवा 4 और देश भी मनाते हैं ‘आजादी का उत्सव’।

15 अगस्त 1947 के दिन हमारा देश भारत आजाद हुआ था। और आज हम भारतवासी इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। लेकिन भारत के साथ ही अन्य 4 देश भी है जो 15 अगस्त को ही अपनी आजादी का उत्सव मनाते...
Jab Humayun Ko Bandhi Rakhi Www.thehindi.in

जब हुमायूं को बांधी थी राखी

  टीम हिन्दी रक्षा बंधन महज एक त्योहार नहीं है. यह सबंधों की थाती है. पौराणिकता के साथ इतिहास है, तो सांस्कृतिक विरासत भी है. आज हम और आप भले ही इसे एक त्योहार मानते हों. भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार कहते हों, लेकिन...
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ऐसा था 15 अगस्त 1947 का अखबार

टीम हिन्दी हर साल स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।...
How Useful Are Pottery

कितने उपयोगी हैं मिट्टी के बर्तन ?

तपती धूप में झुलसने के बाद जब सूखी मिट्टी पर बारिश की बूंदे गिरती हैं, तो उसकी सौंधी खुशबू से धरती महक उठती है. जब गर्मी के मौसम में चिलचिलाती धूप से घर पहुंचे और घड़े का ठंडा पानी मिल जाये तो मन आनंदित हो...
Bhagvaan Mahavir

भगवान महावीर के द्वारा बनाए धर्म को ‘जैन धर्म’ क्यों कहा जाता है

विश्व के सबसे प्राचीन दर्शन या धर्मों में से एक है- 'जैन धर्म'। सिंधु घाटी से मिले जैन अवशेष बताते हैं कि जैन धर्म भारत का सबसे प्राचीन धर्म है। भारत की श्रमण परंपरा से निकला प्राचीन धर्म है - जैन धर्म। जैन अर्थात् कर्मों...
India Gate

जानिए गणतंत्र राष्ट्र ‘भारत’ का गणतांत्रिक सफ़र

भारत एक ‘गणतंत्र राष्ट्र’ के रूप में जाना जाता है। और हर साल इस गणतांत्रिक देश में बड़ी ही धूमधाम से 26 जनवरी के दिन ‘गणतंत्र दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन प्रत्‍येक भारतवासी के मन में अपने देश व मातृभूमि के प्रति अपार स्नेह...
Hindi Diwas

हिन्दी दिवस विशेष…आइये आपको इसके इतिहास से रू-ब-रू कराते हैं।

नईदिल्ली।भारत में बहुसंख्य आबादी के लिए हिन्दी एक माध्यम है,अपनी भावनओं को व्यक्त करने की । वैसे तो भारत जैसे बहुभाषी देश में हर मील पर रंगरूप,संस्कार,व्यवहार सब बदल जाते हैं।ऐसे में पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिए हम भारतवासियों ने...