ये है ईद और बकरीद का संदेश

टीम हिन्दी इस्लाम धर्म में दो ईद मनाई जाती है. पहली मीठी ईद जिसे रमज़ान महीने की आखिरी रात के बाद मनाया जाता है. दूसरी, रमज़ान महीने के 70 दिन बाद मनाई जाती है, इसे बकरीद कहते हैं, जिसे कुर्रबानी की ईद माना जाता है....

वेब सीरीज का बढ़ता बाजार

टीम हिन्दी ये वेब सीरीज का ही तो क्रेज है जो कि राजकुमार राव ‘बोस’ नाम की वेब सीरीज में काम करने के लिए अपना सर मुंडवा लेते हैं. राम गोपाल वर्मा भी अंडरवर्ल्ड की कहानियां सुनाने के लिए इसी रेस में कूद पड़ते हैं....

शास्त्रीय परंपरा और भारतीयता के रंग में कत्थक कली

टीम हिन्दी कथकली अभिनय, 'नृत्य' (नाच) और 'गीता' (संगीत) तीन कलाओं से मिलकर बनी एक संपूर्ण कला है. यह एक मूक अभिनय है, जिसमें अभिनेता बोलता एवं गाता नहीं है, लेकिन बेहद संवेदनशील माध्यमों जैसे- हाथ के इशारे और चेहरे की भावनाओं के सहारे अपनी...

तुलसी एक महत्त्व अनेक

टीम हिन्दी भारतीय संस्कृति के चिर पुरातन ग्रंथ वेदों में भी तुलसी के गुणों एवं उसकी उपयोगिता का वर्णन मिलता है. हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का बहुत महत्व है. तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. हिंदू धर्म में...

जेएनयू के कुलपति ने किया इरा सिंघल को सम्मानित

अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान जेएनयू के मानव अधिकार तथा विकलांगता अध्ययन कार्यक्रम तथा सोसाइटी फाॅर डिसेबिलिटी एण्ड रिहेबिलिशन स्टडीज के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार के युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा आंशिक रूप से प्रायोजित भारत के राष्ट्रीहय एकीकरण में विकलांग युवतियों तथा किशोरों की भूमिका...

जेएनयू में ‘कुली लाइंस : गिरमिटियों का इतिहास’ पर होगी चर्चा

देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक पुस्तक के बहाने गिरमिटियों के इतिहास और वर्तमान में उनकी प्रासंगिकता पर एक चर्चा का आयोजन किया जा रहा है. पहली अगस्त, 2019 के दोपहर में होने वाले इस आयोजन को सीएसटीएस कर रही है....

आयुर्वेद से स्वस्थ रहे शरीर

टीम हिन्दी आयुर्वेद और सिद्ध जैसी चिकित्सा प्रणालियां आज की दुनिया में वैकल्पिक उपचार मानी जाती हैं. कुछ लोग झट से ऐसे उपचारों को नकार देते हैं जबकि दूसरे उन पर पूरा विश्वास करते हैं. सद्‌गुरु जग्गी वसुदेव कहते हैं कि आयुर्वेद जीवन के एक...

भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक हो गए हैं जग्गी वसुदेव

टीम हिन्दी सद्गुरु जग्गी वासुदेव एक योगी, सद्गुरु और दिव्यवदर्शी हैं. उनको 'सद्गुरु' भी कहा जाता है. वह ईशा फाउंडेशन संस्थाान के संस्थापक हैं. ईशा फाउंडेशन भारत सहित संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड, लेबनान, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में योग कार्यक्रम सिखाता है साथ ही साथ कई...

ऐसे तय किया है रुपया ने अपना सफर

टीम हिन्दी यदि यह कहा जाए कि हमारा और आपका कोई भी काम अब रुपया के बिना नहीं हो सकता है, तो यह कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. लेकिन, क्या आपको पता है कि रुपया शब्द कब आया ? भारतीय रुपये को कहां-कहां मान्यता थी ?...

राग देश: पंडित भीमसेन जोशी का पसंदीदा राग

टीम हिन्दी राग देश अथवा देश खमाज थाट का राग है. इसके ऊपर कई प्रमुख गीत हैं, जिनमें सबसे जाना माना है वन्दे मातरम. शायद इसी गीत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 1989 में दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया यह गाना, ‘बजे सरगम हर...

अब हिन्दी भाषियों के लिए भी काजी नजरूल इस्लाम

टीम हिन्दी यदि आपको केवल अपनी मातृभाषा ही आती है, तो दूसरी भाषा में लिखे गए बेहतरीन रचना को पढ़ने में दिक्कत आती है. हिन्दी भाषियों के साथ भी यह दिक्कत है कि वे चाहकर भी बांग्ला कैसे पढ़ पाएंगे ? लेकिन, हाल ही में...

पहली मुख्यधारा की संस्कृत फिल्म “अहम ब्रह्मास्मि” का ट्रेलर नई दिल्ली में हुआ लॉन्च

टीम हिंदी मुख्यधारा की पहली संस्कृत फ़िल्म ‘अहम ब्रह्मास्मि’ का ट्रेलर प्रदर्शन और राष्ट्रवादी फ़िल्म ‘राष्ट्रपुत्र’ का फ़्रान्स में आयोजित विश्वप्रसिद्ध कान फ़िल्म फ़ेस्टिवल में वैश्विक प्रदर्शन के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह 20 जुलाई, 2019 की शाम कॉन्स्टिटूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में में किया...

समृद्ध परम्पराओं और विविध संस्कृति की झलक है केरल के नौका रेस

टीम हिन्दी भारत के प्रसिद्ध त्यौहारों में से एक, केरल नौका दौड़ महोत्सव केरल राज्य की समृद्ध परंपरा और विविध संस्कृति को सामने लाता है. यह केरल में सबसे बड़े त्यौहारों में से एक है, और हर साल आयोजित किया जाता है. केरल नाव उत्सव...

ॐ से ही है आदि और अनंत

टीम हिन्दी ॐ को ओम कहा जाता है. उसमें भी बोलते वक्त 'ओ' पर ज्यादा जोर होता है. इसे प्रणव मंत्र भी कहते हैं. इस मंत्र का प्रारंभ है अंत नहीं. यह ब्रह्मांड की अनाहत ध्वनि है. अनाहत अर्थात किसी भी प्रकार की टकराहट या...

आचार्य रामचंद्र शुक्ल : जिनके बिना अधूरा रहता भारतीय साहित्य का इतिहास

टीम हिन्दी भारत के इतिहास में बहुत से प्रमुख और महान इतिहासकार और साहित्यकार थे जिनकी रचनाओं की चर्चा आज भी की जाती हैं. इन्ही में से एक रचनाकार का नाम है आचार्य रामचंद शुक्ल. वे भारत के बीसवीं सदी के जाने माने साहित्यकार, रचनाकार...