क्यों है ब्रह्म सरोवर की इतना महत्ता ?

टीम हिन्दी कुरुक्षेत्र का नाम आप सभी ने सुना होगा. कइयों ने वहां की यात्रा भी की होगी. कुरुक्षेत्र वह स्थान, जहां महाभारत का भीषण युद्ध हुआ था. कुरूक्षेत्र वह पवित्र स्थान जहां भारतीय संस्कार में श्राद्ध करना काफी पवित्र माना जाता है. वहां का...

कुरुक्षेत्र, जहां मिला था गीता का ज्ञान

टीम हिन्दी असमंजस की स्थिति में पड़े अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का ज्ञान दिया. वह कर्मयोग गीता के नाम से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. क्या आपको पता है कि वह कौन-सा स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया था...

तेलुगु सिनेमा को नई उंचाई दी विजया निर्मला ने

टीम हिन्दी तेलुगु फिल्मों की दिग्गज अभिनेत्री एवं निर्देशक जी विजया निर्मला ने अपनी कला से लोगों का मन मोहा. प्रख्यात अभिनेता कृष्णा की पत्नी और तेलुगु स्टार महेश बाबू की सौतेली मां विजया निर्मला बतौर महिला फिल्म निर्देशक 44 फिल्मों के निर्देशन का गिनीज...

क्या है पूरी कहानी, हाथ कंगन को आरसी क्या?

टीम हिंदी “हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या” वाली कहावत भी है जिसकी दोनों पंक्तियों की आपसी रिश्तेदारी उलझन भरी है। यह जानना ज़रूरी है कि इस कहावत के दो पद हैं। पहला पद है “हाथ कंगन को आरसी क्या” दूसरा...

जामा मस्जिद: मुगलकालीन स्थापत्य कला का बेहतरीन उदहारण

टीम हिन्दी हर किसी की इच्छा होती है कि दिल्ली आएं. दिल्ली घूमें. यदि आप भी दिल्ली आए हैं और जामा मस्जिद नहीं देखा, तो यकीन मानिए आपने मुग़ल स्थापत्य कला के बेहतरीन नमूनों में से एक को नहीं देखा. पुरानी दिल्ली की रौनक में...

नीरज: जिनके बोल लोगों की जुबान पर चढ़ गए

सुभाष चंद्र यूं तो बॉलीवुड में कई गीतकार हुए हैं. एक से बढ़कर एक गीत लिखे हैं. लेकिन गोपाल प्रसाद नीरज उस भीड़ में अकेले ऐसे गीतकार हुए, जिनके बोल लोगों की जुबान पर चढ़ गए. हर शहर, हर नगर. हर गांव, हर कस्बा में...

आईसीसीआर: भारतीय संस्कृति का बुनियादी तत्व

टीम हिन्दी ज्ञान के प्रति जिज्ञासा भारतीय संस्कृति का बुनियादी तत्व है. भारत शिक्षा के एक केंद्र के रूप में उभरा है. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ( आईसीसीआर ) अपने स्थापना काल से इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है. इसके प्रथम अध्यक्ष डॉ...

भगवान शिव और तंत्र में क्या है संबंध ?

[caption id="attachment_9908" align="alignnone" width="297"] टीम हिन्दी[/caption] तंत्र का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं. तंत्र को नाकारात्मक रूप से लेते हैं. लेकिन, सच्चाई यह नहीं है. असल में, तंत्र भारतीय विद्या, भारतीय रीति-रिवाज का एक महत्वपूर्ण अंग है. वेदों में इस विद्या का विस्तार...

स्नेहा खानवलकर: धुन बनाने के लिए नाप दी धरती

टीम हिन्दी हम उन्हें एक महान संगीत निर्देशक के रूप में जानते हैं, उन्होंने ‘ओ वुमनिया’ और ‘सईया काला रे’ जैसे गाने बनाए हैं. संगीत का धुन बनाने से पहले जमीन को समझने निकल पड़ी. सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा की. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के लिए...

राम मुद्रा, जिसे जारी किया था महेश योगी ने

टीम हिन्दी राम राज्य की बात तो भारत में होती है, लेकिन राम नाम की मुद्रा चलती है यूरोपीय देश नीदरलैंड्स में. इस मुद्रा को महर्षि महेश योगी की संस्था 'द ग्लोबल कंट्री ऑफ वर्ल्ड पीस' (जीसीडब्ल्यूपी) ने गत 2002 में जारी किया था- यह...

‘ब्रेन बूस्टर’ के लिए उपयोगी है ब्राह्मी

टीम हिन्दी आधुनिकता के रंग में रंगे लोग जब अत्यधिक परेशान होते हैं, तो प्रकृति की शरण में जाते हैं. मानसिक रूप से परेशान होने पर प्रकृति की गोद में किसी रमणीय स्थान की यात्रा करते हैं. शारीरिक रोग होने पर प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति की...

प्रयागराज, जहाँ ब्रह्मा ने किया था पहला यज्ञ

प्रयागराज भारत के सबसे पुराने शहरों में से एक है. यह प्राचीन ग्रंथों में ‘प्रयाग’ या ‘तीर्थराज’ के नाम से जाना जाता है और इसे भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है. मान्यता अनुसार, यहां सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने सृष्टि कार्य पूर्ण होने के...

तीजन बाई: इकतारा की धुन पर पंडवानी से बनी पहचान

पंडवानी छत्तीसगढ़ का वह एकल नाट्य है, जिसका अर्थ है पांडववाणी. यानी पांडवकथा. महाभारत की कथा. ये कथाएं छत्तीसगढ़ की पारधी तथा देवार छत्तीसगढ़ की जातियों की गायन परंपरा है. इस लगभग लुप्त हो रही लोक-कला को देश-विदेश तक पहुंचाने वाली तीजन बाई ही हैं....

धर्म और सेहत की श्रीवृद्धि में सहायक है पीपल

पवित्र पीपल वृक्ष को अनंतकाल से ही हिंदुओं द्वारा पूजा जाता है, लेकिन पीपल वृक्ष धार्मिक मान्यता के अलावा औषधीय गुणों से भरपूर है. भारतीय उपमहाद्वीप में उगने वाले पीपल वृक्ष को औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है. इसके उपयोग से नपुंसकता, अस्थमा, गुर्दे,...

योग करें अपने दिल के लिए

हर साल 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिन का ये पांचवा साल है. सहक्रियता, युवा, शांति जैसी विभिन्न संकल्पनाओं के साथ पिछले चार साल में ये दिन बहुत ही कामयाबी से मनाया गया. इस साल के विश्व योग दिन की संकल्पना है,...