Save Water

जल – आज और कल

सनातन परंपराओं में प्रकृति संरक्षण के सूत्र मौजूद हैं। हमारे यहां प्रकृति पूजन को प्रकृति संरक्षण के तौर पर मान्यता है। भारत में पेड़-पौधों, नदी-पर्वत, ग्रह-नक्षत्र, अग्नि-वायु सहित प्रकृति के विभिन्न रूपों के साथ मानवीय रिश्ते जोड़े गए हैं। पेड़ की तुलना संतान से की...
Teacher Day

राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध – हमारे शिक्षक

“अगर कोई देश भ्रष्टाचार मुक्त है और सभी तरह से सुंदर राष्ट्र बन गया है, तो मुझे दृढ़ता से लगता है कि तीन प्रमुख सामाजिक सदस्य हैं जिनका इसमें योगदान हो सकता है. वे पिता, माता और शिक्षक हैं।” भारत में शिक्षकों की पूजा करने...
Yoga

संतुलित दिनचर्या, स्वस्थ जीवन का आधार

एक नहीं, कई मंत्र हैं। लोकाचार में कई कहावते हैं, जो कहते हैं कि यदि आपको स्वस्थ रहना है, तो संतुलित दिनचर्या अपनाना होगा। दुनिया के किसी भी भाषा को आप खंगाल लें, उसमें यह संदेश मिल ही जाएगा। जो बात आज तक हम अपने...

आज के युवाओं का यही है हाल, आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया

21वीं सदी को युवाओं की सदी कहा जाता है। क्या आपने कभी इस पर विचार किया है कि युवाओं का हाल क्या है ? दिखने में स्मार्ट, चलने के लिए अपनी कार, जेब में कई बैंकों का के्रेडिट कार्ड। लेकिन वास्तविकता क्या है ? इस...
Fire Meditation

प्राचीन ऋषि-मुनियों की रोगोपचार हेतु पुरातन चिकित्सा पद्धति: अग्निहोत्र – रक्षा पंड्या

प्राचीनकाल में भारत 'आर्यावर्त' नाम से जाना जाता था। और इस आर्यावर्त का अर्थ होता था- 'सभ्य, सुसंस्कृत लोगों का देश, हमारे ऋषि-मुनियों का देश!' ये वो देश था जहाँ विदेशों से लोग आध्यात्मवाद सीखने आते थे, जहाँ केवल ऋषि-मुनि व तपस्वी ही नहीं बल्कि...
Media Interview

हिन्दी के पतन के लिए कितने जिम्मेदार हैं हिन्दी न्यूज चैनल्स

हिन्दी...जिसे संविधान में राजभाषा का दर्जा प्राप्त है. भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिन्दी है. लेकिन अक्सर सुना और देखा जा रहा है कि हिन्दी की अस्मिता को बचाने के लिए साहित्यकार और हिन्दी के चाहने वाले लोग ढ़ेरों प्रयास कर रह...
Vedik Gyan

आधुनिक समय में वैदिक ज्ञान का महत्व – पंकज जगन्नाथ जयस्वाल

ऐसा क्यों था कि हम भारतीय हमेशा इस बात को देखते हैं कि भारत के बारे में क्या गलत है और कभी इस बात की सराहना नहीं करते कि हमारे देश के बारे में क्या अच्छा है? एक राष्ट्र के रूप में हम समय की...
Vikas Divya Kriti

सिविल सर्विस परीक्षाओं में हिंदी व अन्य मातृभाषाओं के प्रबल समर्थक- डॉ. विकास दिव्यकिर्ती

आज के वक़्त में जब भी कोई सरकारी या सिविल सर्विस परीक्षा देने के बारे में सोचता है तो कहीं न कहीं उसके दिमाग में सबसे पहला ख़्याल यही आता है कि इस परीक्षा में पास होने के लिए अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान होना सबसे...
All Is Well

ऑल इज होगा वेल, जब वैदिक तरीके से मनाएंगे जन्मदिन

वर्ष 2020 को आप कैसे याद करेंगे ? यदि आपसे यह पूछा जाए तो आप तपाक से इसे कोरोना को लेकर याद करने की बात करेंगे। जरा ठहरिए। कभी आपने सोचा है कि कोरोना ने आपको क्या दिया ? कितना छिना और कितना दिया ?...
Unity

धार्मिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक: हमारा भारत

“बहु भाव व एकत्व भव"  अर्थात् 'एकरूपता ही समरसता का वास्तविक अर्थ है।' हमारी भारत भूमि संतों, मुनियों और राष्ट्रभक्तों के खून पसीने से सींची गई तपोभूमि है जिसने दुनिया को समरसता का संदेश दिया। भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता ही यही है कि...
Yoga Practice

आप रहें ठाठ से, जब करें योग के ये 8

दोस्तों, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है। इस विशेष दिवस पर हम अच्छीखबर के सभी पाठकों के साथ योग अभ्यास के कुछ पहलुओं को आपके सामने रखना चाहते हैं जिससे आप सब भी योग अपनाएं और स्वस्थ व सुखी जीवन जीयें। योग का अर्थ...
Traditional Rajasthani Puppets

सामाजिक मुद्ददों और कुरीतियों को उजागर करती है राजस्थानी लोक कला – कठपुतली

कठपुतली का नाम सुनते ही जेहन में सबसे पहले राजस्थान का नाम आता है. माना जाता है कि कठपुतली लोक कला का इतिहास लगभग 1500 साल पुराना है. यह लोक कला राजस्थान के नागौर तथा मारवाड़ जिले के भट आदिवासी जाति के लोगों का पारंपरिक...
Touch Feet

क्यों महत्वपूर्ण है चरण स्पर्श करना? क्या है इसका वैज्ञानिक आधार – विशाल सहाय

अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।। अर्थात् "जो व्यक्ति हर रोज बड़े-बुजुर्गों के सम्मान में प्रणाम व चरणस्पर्श कर सेवा करता है, उसकी उम्र, विद्या, यश और ताकत में वृद्धि होती है।" हमारी भारतीय संस्कृति हमेशा से ही विविध संस्कृतियों की परिचायक...
Pigeon Pea Crop Farm

हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए सर्वोपरि ऑर्गेनिक खेती

रसायनों के दुष्प्रभाव से विश्व में जलवायु परिवर्तन और प्रकृति के पर्यावरण में असंतुलन उत्पन्न हो गया है और मानवों पर भी गंभीर दुष्प्रभाव देखे गए हैं। धरती मां के स्वास्थ्य, सतत उत्पादन, आमजन को सुरक्षित और पौष्टिक खाद्यान के लिए जैविक कृषि आज राष्ट्रीय...

करोना और लॉकडाउन के कठिन वक़्त में एक छोटा-सा सकारात्मक संदेश

'द हिंदी' परिवार  की ओर से  इस करोना और लॉकडाउन  के कठिन वक़्त में एक छोटा-सा सकारात्मक संदेश "बे वजह घर से निकलने की ज़रूरत क्या है मौत से आँखे मिलाने की ज़रूरत क्या है सब को मालूम है बाहर की हवा है क़ातिल यूँ...