आजकल

पैरों की धूल नहीं, माथे का चंदन है नारी

कहते हैं नारी जब शांत है, तब लक्ष्मी है. जब रौद्र रूप में आ जाए, तो महाकाली जैसी हो जाती है. एक नारी से दो घर जुड़ते हैं. दो परिवारों में खुशियां आती हैं. घर की नींव मजबूत करने का हौसला सिर्फ एक नारी के...
Kabaddi 1

पुरुषों के साथ महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है कबड्डी में

नए मानक गढ़ती हिंदी

किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा और संस्कृति से होती है. 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि इस दिन के महत्व देखते...
Hindi New Media

पत्रकारिता को मजबूती प्रदान कर रही है हमारी हिंदी

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है. लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब पत्रकारिता अपनी सार्थक भूमिका निभाए. सार्थक पत्रकारिता का उदेश्य है कि वह प्रशासन और समाज के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बने. समय के साथ हिंदी पत्रकारिता समर्थ होती जा रही है. हिंदी...
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हवन एक, फायदे अनेक

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नमस्कार एक, फायदे अनेक

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ग़मों के बीच से आओ! खुशी तलाश करें – ओंकार सिंह

ग़मों के बीच से आओ! खुशी तलाश करें अंधेरे चीरके हम रोशनी तलाश करें ख़ुशी को अपनी लुटाकर ख़ुशी तलाश करें सभी के साथ में हम ज़िन्दगी तलाश करें हटाके धूल जमी है जो अपने रिश्तों पर पुराने प्यार में हम ताज़गी तलाश करें अकेलेपन...