खान पान

लाभकारी है पत्तल पर खाना

टीम हिन्दी आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे देश मे 2000 से अधिक वनस्पतियों की पत्तियों से तैयार किए जाने वाले पत्तलों और उनसे होने वाले लाभों के विषय में पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान उपलब्ध है, लेकिन मुश्किल से पांच प्रकार की वनस्पतियों का प्रयोग...

आयुर्वेद से स्वस्थ रहे शरीर

टीम हिन्दी आयुर्वेद और सिद्ध जैसी चिकित्सा प्रणालियां आज की दुनिया में वैकल्पिक उपचार मानी जाती हैं. कुछ लोग झट से ऐसे उपचारों को नकार देते हैं जबकि दूसरे उन पर पूरा विश्वास करते हैं. सद्‌गुरु जग्गी वसुदेव कहते हैं कि आयुर्वेद जीवन के एक...

केला का पत्ता : जो रखे आपको हरा-भरा

टीम हिन्दी प्रकृति ने हमें कई उपहार दिए हैं. उन्ही उपहारों में से एक है - केला. केला के पौधा से हमें फल मिलता है, जो काफी स्वास्थ्यवर्धक है. इसके अलावा केला का पत्ता एक ओर पूजा-पाठ में काम होता है, तो दूसरी ओर इस...

सोनल मानसिंह : मंच पर नाम ही काफी है

टीम हिन्दी बीते कई दशकों से भारतीय नृत्य को देश-विदेश में गौरव प्रदान करने वाली सोनल मानसिंह मंच पर जब अपनी कला का प्रदर्शन करती है, तो दर्शक मुग्ध होकर पूरी तल्लीनता के साथ देखते हैं. सोनल मानसिंह एक जज्बे का नाम है, एक ऐसे...

मसाला ही नहीं, दवा भी है दालचीनी

टीम हिन्दी अक्सर दालचीनी का प्रयोग भोजन बनाने में एक मसाले के रूप में किया जाता है, लेकिन इसके औषधीय गुणों की वजह से इसका उपयोग आयुर्वेद की दवाईयों को बनाने में भी किया जाता हैं. दालचीनी के फायदे की बात करें तो दालचीनी की...

गिलोय यानी आयुर्वेद की अमृत

टीम हिन्दी गिलोय एक ऐसी औषधि है, जिसे अमृत तुल्य वनस्पति माना जाता है. अमृत तुल्य उपयोगी होने के कारण इसे आयुर्वेद में अमृता नाम दिया गया है. ऊंगली जैसी मोटी धूसर रंग की अत्यधिक पुरानी टहनी औषधि के रूप में प्रयोग होती है. आयुर्वेदिक...

‘ब्रेन बूस्टर’ के लिए उपयोगी है ब्राह्मी

टीम हिन्दी आधुनिकता के रंग में रंगे लोग जब अत्यधिक परेशान होते हैं, तो प्रकृति की शरण में जाते हैं. मानसिक रूप से परेशान होने पर प्रकृति की गोद में किसी रमणीय स्थान की यात्रा करते हैं. शारीरिक रोग होने पर प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति की...

100 रोगों की एक दवा है आंवला

प्रकृति ने मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए कुछ ऐसा प्राकृतिक पदार्थ दिए हैं, जिनसे आप आजीवन निरोग रह सकते हैं. उसी श्रेणी का एक फल है - आंवला. संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी, पंचरसा इत्यादि कहते हैं. अंग्रेजी में इसे एंब्लिक माइरीबालन या...

इमरती का स्वाद नहीं चखा तो क्या चखा !

जब भी हम कोई खुशखबरी सुनते हैं तो मिठाई खा कर मुंह मीठा करते हैं. हर खुशी में जो साथ निभाता है वो है मिठाई. आप भारत में कहीं भी चले जाइए आपको मिठाईयों का भंडार मिलेगा. हर गली, नुक्कर पर मिठाई की दुकान न...

भारतीय खान-पान की शान है पान

पान का नाम लेने से एक रसीला स्वाद का अनुभव होता है और मन ताजगी से भर उठता है. भारतीय इतिहास और परंपराओं से जुड़ा हुआ पान एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पान को विभिन भाषाओं में अलग अलग नामों से जाना जाता है. पान को...

हर व्यंजन की जान है चटनी

हमें खाने में चटपटा मिल जाए, तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. बात जैसे ही चटनी की होती है, तो मुंह में पानी आ जाता है. भूख बढ़ जाती है. आँखों के सामने तरह-तरह के व्यंजन दिखने लगते हैं. कभी-कभी खाना अधूरा सा लगता है....

क्यों है छप्पन भोग की मान्यता?

छप्पन भोग क्या होता है और इसे क्यों भगवान को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है ? यह सवाल आपके मन में भी आता होगा. आज हम इससे जुड़ी जानकारी आपके साथ साझा करते हैं. क्या कारण और कहानी है इसके पीछे, आपको बताते...