सम्पूर्ण भारत

Great Buddha Statue

बौद्धगया: जहां सिद्धार्थ हो गए बुद्ध

टीम हिन्दी बिहार राज्य में स्थित बौद्ध गया शहर में बना महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म का सबसे महत्वपूर्ण केन्द्र और पवित्र स्थानों में माना जाता है। यहीं पर बोधि वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को केवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह मंदिर वास्तुकला व...

गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर : एक महान कवि, साहित्यकार एवं संगीतकार

गुरुदेव 'रबीन्द्रनाथ टैगोर’ 7 मई 1861- 7 अगस्त 1941   https://youtu.be/xoXg_OuhWzA "जो धरती की आत्मा के निकट है,  जो उससे ही बने, उसी में ढले हैं,  जो अपना अंतिम विराम उसी में पाएंगे,  मैं उन सब का मित्र हूं, मैं कवि हूँ।" साहित्य की हरेक...
Women

नई मिसाल कायम करती ‘अतुल्य भारत की अतुल्य नारियां’

“नारी-नारी मत कहो, नारी नर की खान,नारी से सुत उपजे, ध्रुव प्रह्लाद समान।” आज तक भिन्न-भिन्न युगों में हम नारियों के कई स्वरूप देखते आए हैं। कभी वो गौरी है, तो कभी काली है, कभी दुर्गा है, तो कभी भवानी है। इन दैवीय स्वरूपा नारियों...

हिन्दी का एक दिन नहीं होता, हर दिन होता है हिन्दी का – तरुण शर्मा

हिन्दी हमारे लिए महज एक भाषा नहीं, हमारी मां है। सनातनी परंपरा में मां के लिए कोई खास दिन नहीं होता है। हर दिन तो मां से शुरू होती है। मां के आशीष से। मां की ममता से। मां के वात्सल्य से। मां है तो...

भारत की ऋतुएँ और मानव शरीर – रक्षा पंड्या

भारत को धरती का गौरव तथा प्रकृति का पुण्य लीलास्थल कहा गया है। विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां समय-समय पर विभिन्न ऋतुएं अपनी छटा बिखेरती हैं। मुख्य रूप से भारत में 3 ऋतुएं है- शीत, ग्रीष्म, और वर्षा ऋतु। भारतीय मौसम...
Osho Rajneesh

सीधा ओर सरल जीवन पथ दिया – गुरू रजनीश ‘ओशो’ ने

अपने संपूर्ण जीवनकाल में आचार्य रजनीश को एक विवादास्पद रहस्यदर्शी, गुरु और आध्यात्मिक शिक्षक के रूप में देखा गया है . वे धार्मिक रूढ़िवादिता के बहुत कठोर आलोचक थे, जिसकी वजह से वह बहुत ही जल्दी विवादित हो गए और ताउम्र विवादित ही रहे. 11...
Teacher Day

राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध – हमारे शिक्षक

“अगर कोई देश भ्रष्टाचार मुक्त है और सभी तरह से सुंदर राष्ट्र बन गया है, तो मुझे दृढ़ता से लगता है कि तीन प्रमुख सामाजिक सदस्य हैं जिनका इसमें योगदान हो सकता है. वे पिता, माता और शिक्षक हैं।” भारत में शिक्षकों की पूजा करने...
Vedik Gyan

आधुनिक समय में वैदिक ज्ञान का महत्व – पंकज जगन्नाथ जयस्वाल

ऐसा क्यों था कि हम भारतीय हमेशा इस बात को देखते हैं कि भारत के बारे में क्या गलत है और कभी इस बात की सराहना नहीं करते कि हमारे देश के बारे में क्या अच्छा है? एक राष्ट्र के रूप में हम समय की...
Unity

धार्मिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक: हमारा भारत

“बहु भाव व एकत्व भव"  अर्थात् 'एकरूपता ही समरसता का वास्तविक अर्थ है।' हमारी भारत भूमि संतों, मुनियों और राष्ट्रभक्तों के खून पसीने से सींची गई तपोभूमि है जिसने दुनिया को समरसता का संदेश दिया। भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता ही यही है कि...
Traditional Rajasthani Puppets

सामाजिक मुद्ददों और कुरीतियों को उजागर करती है राजस्थानी लोक कला – कठपुतली

कठपुतली का नाम सुनते ही जेहन में सबसे पहले राजस्थान का नाम आता है. माना जाता है कि कठपुतली लोक कला का इतिहास लगभग 1500 साल पुराना है. यह लोक कला राजस्थान के नागौर तथा मारवाड़ जिले के भट आदिवासी जाति के लोगों का पारंपरिक...
Touch Feet

क्यों महत्वपूर्ण है चरण स्पर्श करना? क्या है इसका वैज्ञानिक आधार – विशाल सहाय

अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।। अर्थात् "जो व्यक्ति हर रोज बड़े-बुजुर्गों के सम्मान में प्रणाम व चरणस्पर्श कर सेवा करता है, उसकी उम्र, विद्या, यश और ताकत में वृद्धि होती है।" हमारी भारतीय संस्कृति हमेशा से ही विविध संस्कृतियों की परिचायक...
Parampara

हमारी परम्पराएँ और रीती रिवाज़ – आस्था या वैज्ञानिक तर्क

हिंदू परंपराओं की जब बात की जाती है, तो लोग कई तरह के तर्क-वितर्क करते हैं, लेकिन इन सबों के बावजूद हिंदू परंपराओं का अपना एक अलग महत्व रहा है। आज हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इन परंपराओं के पीछे जो...
Tulshi

तुलसी का महत्व हमारे जीवन में I Benefits of Tulsi – The Hindi

हमारी संस्कृति ‘दिनों’ के आधार पर चलती है, ‘डे’ के आधार पर नहीं।

"पवित्र बन, पवित्र बन माँ भारती पुकारती पवित्रता के बल से ये देश तो महान था पवित्रता के बल से ही देवता महान था वक्त आज आ गया है फिर से गीता ज्ञान का पवित्र बन, पवित्र बन माँ भारती पुकारती।" भारत एक ऐसा देश...

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ कर रहा है आयुष64 की भूमिका पर वेबिनार का आयोजन

आयुष मंत्रालय के अधीनस्थ काम करने वाला स्वायत्त संगठन राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी)“कोविड-19 का मुकाबला करने में तथ्यों की तलाश- आयुष 64” विषय पर एक श्रृंखला शुरू कर रहा है। श्रृंखला का पहला वेबिनार आज दोपहर दो बजे लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। इसे आयुष मंत्रालय के फेसबुक...