सम्पूर्ण भारत

जानिए भारतीय संस्कृति में तिलक का महत्व

भारतीय संस्कृति में तिलक लगाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। भारतीय संस्कृति में माथे पर तिलक लगाने की परंपरा पौराणिक है क्योंकि साधु-संतों के माथे पर तिलक की चमक हम शुरु से देखते आ रहे हैं। जनमानस अपने दैनिक जीवन में...

हिन्दी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जो आपको आश्चर्यचकित कर देंगे

भारत एक ऐसा देश जो अपने आप में कई आश्चर्य लिए हुए है। इस देश की कला, संस्कृति, रहन-सहन, इतिहास सबकुछ बहुत ही निराला है। जहाँ इसका इतिहास रोचक है वहीं यहाँ की भाषा भी आश्चर्यों से लबरेज़ और दिलचस्प है- आज हिंदी प्रत्येक भारतवासी...

क्यों कहा जाता है जबलपुर को भारत की संस्कारधानी

"पथ प्रशस्त करता सुखद, देता उत्तम ज्ञान। कलियुग में यह नगर, सचमुच है वरदान।।" - जबलपुर भारत एक ऐसा राष्ट्र जो सदियों से विश्वपटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ते आया है। यहाँ वेद-पुराण धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-सभ्यता, साहित्य, चिन्तन और नीतिशास्त्र की अभिन्न ज्ञान परम्परा देखने को...

भारतीय संस्कृति में साड़ी का महत्व

भारतीय साड़ी दुनिया में सबसे पुराने परिधान के रूप में जानी जाती है। जिसका उल्लेख ऋग्वेद में भी किया गया है। साड़ी को विश्व मे सबसे लम्बा और पौराणिक वस्त्र कहा गया है जो लगभग 5 से 6 गज लम्बी होती हैI भारत में इसे...

एक दिन नहीं, सब दिन है हमारी हिन्दी का

तरुण शर्मा हिन्दी हमारे लिए महज एक भाषा नहीं, हमारी मां है। सनातनी परंपरा में मां के लिए कोई खास दिन नहीं होता है। हर दिन तो मां से शुरू होती है। मां के आशीष से। मां की ममता से। मां के वात्सल्य से। मां...

हर रंग को अपने साथ लेकर चलती है भारतीय रेल

टीम हिन्दी अनेकता में एकता का बेहतर प्रतीक है भारत। हर प्रांत, हर क्षेत्र की अलग-अलग वेश-भूषा। विभिन्न खान-पान। बोलचाल की भाषा भी अलग। इन तमाम रंगों को एक साथ जोड़कर रखती है भारतीयता। और इसका बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करती है भारतीय रेल। कश्मीर से...

हिंदी कविता रोटियां – कवि प्रशांत

अजीब दास्तान हैं दोस्तों मेरे हिन्दुस्तान की कोई फेंक देता हैं खाना बेकार समझकर कचरें में तो किसी को एक पल के खानें में दो "रोटियां" भी नसीब नहीं एक तरफ शादियों में हो रही हैं खाने की बर्बादी दुसरी तरफ भूखी मर रही हैं...

भारत का गौरव: संगीत वाद्य यंत्र

टीम हिन्दी संगीत वाद्य, संगीत का वास्ततविक चित्र प्रस्तुीत करते हैं । इनका अध्यकयन संगीत के उदभव की जानकारी देने में सहायक होता है और वाद्य जिस जनसमूह से सम्बं्धित होते हैं, उसकी संस्कृ ति के कई पहलुओं का भी वर्णन करते हैं । उदाहरण...

त्याग की प्रतिमूर्ति “श्रीराम” के पर्याय बनते जा रहे हैं विधायक नीरज शर्मा

फरीदाबाद। जिसने अपना सबकुछ समाज और देश के लिए अर्पित कर दिया हो, वह साक्षात मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अनुचर हो जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन को यदि एक पंक्ति में कहा जाए तो हम सकते हैं कि समाज और लोकहित में जिसने...

भारत का गौरव: यहां की ज्ञान-विज्ञान

टीम हिन्दी प्राचीन भारतीय वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के निर्माण के संबंध में अवधारणा व्यक्त की थी| उनके अनुसार ब्रह्मांड “पंचमहाभूतों” भूमि, जल, आग, हवा और आकाश से मिलकर बना है| वे लोग यूनानियों से पहले अणुओं और परमाणुओं के अस्तित्व के बारे में जानते थे|...

सावन में जब कानों में पड़े कजरी के बोल

टीम हिन्दी लोकगीतों की रानी कजरी सिर्फ गाने भर ही नहीं है, बल्कि यह सावन की सुंदरता और उल्लास को दिखाती है. सावन का महीना आते ही जब हर तरफ हरियाली छा जाती है, झूले पडने लगते हैं तो इस खास मौके पर लड़कियां कजरी...

सुख और शांति का दूसरा नाम है स्वर्ण मंदिर

टीम हिन्दी जिस तरह हिंदुओं के लिए अमरनाथ जी और मुस्लिमों के लिए काबा पवित्र है उसी तरह सिखों के लिए स्वर्ण मंदिर महत्त्व रखता है. सिक्खों के लिए स्वर्ण मंदिर बहुत ही महत्वपूर्ण है, और सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है. पंजाबियों में एक...

भारतीयों का सर्वोत्तम गुण रहा है आत्मनिर्भरता

“मैं निश्चयपूर्वक कहता हूँ कि जो युवा पुरुष सब बातों में दूसरों का सहारा चाहते हैं, जो सदा एक न एक नया अगुआ ढूंढा करते हैं और उनके अनुयायी बना करते हैं, वे आत्म संस्कार के कार्य में उन्नति नहीं कर सकते । उन्हें स्वयं...

पूरी तरह से स्वदेशी कंपनी है महिन्द्रा

टीम हिन्दी महिंद्रा समूह भारत के सबसे प्रतिष्ठित 10 शीर्ष औद्योगिक घरानों में से एक है. इस प्रसिद्ध समूह को लुधियाना (पंजाब) में आनंद महिंद्रा के दादा बंधुओं जगदीशचंद्र व कैलाशचंद्र महिंद्रा (के.सी. महिंद्रा) द्वारा स्थापित किया गया था. आनंद महिंद्रा, महिंद्रा समूह की प्रमुख...

गायन को क्यों कहा गया पंचम वेद ?

कहते हैं संगीत ईश्वर का रूप है। सुर के संसार में अनहद जागता है। हमारा शास्त्र, गायन को पंचम वेद कहता है। भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है। सामवेद में संगीत के बारे में गहराई से चर्चा की गई है। यह...