‘द हिन्दी’

जानिए भारतीय संस्कृति में तिलक का महत्व

भारतीय संस्कृति में तिलक लगाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। भारतीय संस्कृति में माथे पर तिलक लगाने की परंपरा पौराणिक है क्योंकि साधु-संतों के माथे पर तिलक की चमक हम शुरु से देखते आ रहे हैं। जनमानस अपने दैनिक जीवन में...

हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित करे सरकार, तभी आएगा रामराज्य: महेश चंद्र शर्मा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व महापौर श्री महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि सरकारी स्तर पर हिन्दी के नाम पर अधिकतर खाना पूर्ति होती है। हिन्दी पखवाड़ा और हिन्दी दिवस के अवसर पर सरकारी आयोजन होते रहे हैं, लेकिन...

विश्व भर में पहुँच है हमारी हिन्दी की

यदि यह कहा जाए कि 21वीं विज्ञान एवं तकनीक के सहारे पूरी दुनिया एक वैश्विक गाँव में तब्दील हो रही है और स्थलीय व भौगोलिक दूरियां अपनी अर्थवत्ता खो रहीं हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. वर्तमान विश्व व्यवस्था आर्थिक और व्यापारिक आधार पर ध्रुवीकरण...

समर्थ लोगों के साथ यात्रा कर रही है ‘द हिन्दी’

किसी भी परिकल्पना को साकार करने के लिए अत्यावश्यक है कि उसके साथ कैसे लोग हैं ? उनकी सोच और संस्कार कैसी है ? उनका मूल क्या है ? उनके पास कार्यानुभव कितना है ? ऐसे कई दूसरे सवाल भी हो सकते हैं, जिनका जवाब...

क्या है हाजी अली का बॉलीवुड कनेक्शन ?

आपने समुद्र में एक दरगाह देखा होगा. मजार देखा होगा. मुंबई के समुद्र में. याद आया ? नहीं आया तो याद कीजिए, ए आर रहमान का एक गाना मशहूर हुआ - पिया हाजी अली हो. इस गाने में हाजी अली, बाबा भी हैं और पिया...

आइए… जुड़े ‘द हिन्दी’ से

वसुधैव कुटुम्बकम को आत्मसात करते हुए हमने सभी आयु वर्ग को ध्यान में रखकर एक खाका तैयार किया हुआ है. आइए, हमसे जुड़िए. द हिन्दी के साथ आइए... द हिन्दी के माध्यम से भारत की सभ्यता, संस्कृति, साहित्य और समाज को समझें. सामाजिक सरोकार और...

भारतीयता का नया ठिकाना है ‘द हिन्दी’

हिन्दी बोलने मात्र से भारत का बोध होता है। विश्व के किसी भी कोने में कोई हिन्दी बोलते और सुनते नजर आएंगे, तो उनका सरोकार भारत से ही होगा। आज हिन्दी वैश्विक पटल पर स्थान बना रही है। हिन्दी भाषियों की बढ़ती संख्या के कारण...