अरबी

जो गुज़ारी न जा सकी हम से, हमने वो ज़िंदगी गुज़ारी है : जॉन एलिया

टीम हिन्दी मशहूर शायर जॉन एलिया उर्दू बाग़ के एक महकते हुए फूल है, जिसकी खुशबू आज भी लोगों के रगों में समाई हुई है. उनका नाम ही अपने आप में कई दिलचस्प कहानियों का किस्सा है. 14 दिसम्बर 1931, यूपी के अमरोहा में जन्मे...