आशु खुराना

छोटे मन से आज़ादी

छोटे मन से आज़ादी महज़ 'झण्डे' लहराने से क्या हासिल.. दिलों की नफ़रतें हिल सकें तो शायद कुछ हो हासिल महज़ 'जय हिन्द' कहने से क्या हासिल.. अंदर की कमज़ोरियों पर विजय हो तो शायद कुछ हो हासिल महज़ 'वन्दे मातरम' कहने से क्या हासिल.....