संस्कृति की संजीव संवाहक होती है हमारी मातृभाषा।
मातृभाषा का मतलब अक्सर यही निकाला जाता है कि जो भाषा या बोली बच्चे की माँ बोलती है वही मातृभाषा कहलाती है। यानी बच्चा अपनी माँ को जिस भी भाषा या बोली में बात करते हुए सुनता है वह वह उसकी भाषा भी बन जाती...





