गुलज़ार

गुलजार: भावों को शब्द देने के महारथी

टीम हिन्दी गुलज़ार के नाम से कौन वाक़िफ़ नहीं होगा. लोगों ने उनकी बनाई फ़िल्में देखीं, उनके संवाद सुने और उनके लिखे गीतों को भी भरपूर प्यार दिया. इसके इतर गुलज़ार साहब ने नज़्में और ग़ज़लें भी लिखी हैं. शाम से आँख में नमी सी...