दिल्ली का दिल

दिल्ली : सात बार उजड़ी, फिर बसी हूं मैं

मैं दिल्ली हूँ, आज मैं जैसी दिख रही हूँ वैसी कभी रही नहीं. कई बार मुझे बसाया गया और उजाड़ा गया. भारत की आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद मैं ही सभी राजाओं की पहली पसंद रही हूँ, सभी मुझ पर ही शासन करना चाहते हैं,...