नारी

पैरों की धूल नहीं, माथे का चंदन है नारी

कहते हैं नारी जब शांत है, तब लक्ष्मी है. जब रौद्र रूप में आ जाए, तो महाकाली जैसी हो जाती है. एक नारी से दो घर जुड़ते हैं. दो परिवारों में खुशियां आती हैं. घर की नींव मजबूत करने का हौसला सिर्फ एक नारी के...