प्राचीन भारत

Teacher Day

राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध – हमारे शिक्षक

“अगर कोई देश भ्रष्टाचार मुक्त है और सभी तरह से सुंदर राष्ट्र बन गया है, तो मुझे दृढ़ता से लगता है कि तीन प्रमुख सामाजिक सदस्य हैं जिनका इसमें योगदान हो सकता है. वे पिता, माता और शिक्षक हैं।” भारत में शिक्षकों की पूजा करने...

करोना और लॉकडाउन के कठिन वक़्त में एक छोटा-सा सकारात्मक संदेश

'द हिंदी' परिवार  की ओर से  इस करोना और लॉकडाउन  के कठिन वक़्त में एक छोटा-सा सकारात्मक संदेश "बे वजह घर से निकलने की ज़रूरत क्या है मौत से आँखे मिलाने की ज़रूरत क्या है सब को मालूम है बाहर की हवा है क़ातिल यूँ...

ओरछा जितना पौराणिक उतना ही ऐतिहासिक भी!

मध्यप्रदेश का ओरछा जमुना की सहायक नदी बेतवा नदी के किनारे बसा एक पौराणिक शहर है। ओरछा भारतीय इतिहास की स्थापत्य कला का बेजौड़ नमूना है। इसी खूबी के कारण यह देश विदेश के सैलानियों के लिए कौतुहल का विषय है। गंगा यमुनी संस्कृति की...

मोबाइल की आभासी दुनिया में मलखम्ब जैसे खेल कहीं लुप्त न हो जाएं!

वह भी क्या दिन थे जब शाम होते ही मोहल्लों की छोटी छोटी सडकें शोर से गूंजती रहती थी। ऐसा कोई पार्क नहीं होता था जहाँ बच्चों की टोलियाँ नहीं दिखती थी! खोखो, ताड़म ताड़ी, छिपम-छिपाई, गुल्लीडंडा, बाघ-बकरी, रस्सीकूद, पिट्ठू, लंगड़ी टांग, कंचे, लट्टू क्या...

बौद्ध के लिए स्वर्णयुग था सम्राट अशोक का दौर

टीम हिन्दी सम्राट अशोक के कालखंड में भारत का जितना नाम हुआ, उतना बहुत कम दौर में हुआ है। अधिकतर भारतीय इतिहासकारो का यह मानना है की सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध की विभीषिका से दुखी होके बौद्ध धर्म ग्रहण किया था, इस घटना पर...