मिथिला

Ma Sita

मां सीता के बिना रामायण पूरी नहीं होती, महिला सशक्तीकरण की हैं मिसाल

रामायण, भारतीय संस्कृति और मर्यादा का प्रतीक ग्रंथ है, जिसमें भगवान श्रीराम की जीवन यात्रा को दर्शाया गया है, परंतु इस गाथा की आत्मा मां सीता हैं। उनके बिना न केवल यह कथा अधूरी रह जाती है, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की छवि भी अधूरी...

मिथिला की धरोहर मिथिला पेंटिंग

एक ऐसी कला जिसको वैश्विक पटल पर महिआओं ने पहुंचाया. यह एक ऐसी लोक कला है, जिसका संवर्धन और संरक्षण महिलाओं के हाथ है. हम बात कर रहे हैं मिथिला चित्रकला की. इसे मिथिला पेंटिंग कहा जाता है. माना जाता है ये चित्र राजा जनक...