समाजसेवा

त्याग की प्रतिमूर्ति “श्रीराम” के पर्याय बनते जा रहे हैं विधायक नीरज शर्मा

फरीदाबाद। जिसने अपना सबकुछ समाज और देश के लिए अर्पित कर दिया हो, वह साक्षात मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अनुचर हो जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन को यदि एक पंक्ति में कहा जाए तो हम सकते हैं कि समाज और लोकहित में जिसने...

नानाजी देशमुख: समाजसेवा के लिए जिन्होंने अपना सबकुछ छोड़ा

टीम हिन्दी जब तक व्यक्ति में स्व का भाव होता है, वह समाज और देश के लिए विशेष नहीं कर सकता है। स्व यानी अपना। स्वयं का। अपनों का। जिसने भी अपना स्व छोड़ा, उसने एक बड़ी लकीर खींची। ऐसे ही बड़ी लकीर खींची समाजसेवी...