हिंदी भाषा

हरेक विषय को हिंदी में सरल तरीके से समझाने हेतु प्रख्यात- पटना के खान सर

"स्वयं शिष्ट हो दम रखता हो सबको शिष्ट बनाने का,  क्षय करता हो दानवता का मानवता विकसाने का,  करता रहता काम निरन्तर छात्र हित सध जाने का,  ऐसे ही मानव को जग में हक है शिक्षक कहलाने का।" आज जहाँ शिक्षा को व्यापार बना दिया...

करोना और लॉकडाउन के कठिन वक़्त में एक छोटा-सा सकारात्मक संदेश

'द हिंदी' परिवार  की ओर से  इस करोना और लॉकडाउन  के कठिन वक़्त में एक छोटा-सा सकारात्मक संदेश "बे वजह घर से निकलने की ज़रूरत क्या है मौत से आँखे मिलाने की ज़रूरत क्या है सब को मालूम है बाहर की हवा है क़ातिल यूँ...

हिंदी भाषा की विभिन्न बोलियाँ और उनका विस्तार

हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं, भारत में कुल 18 बोलियाँ हैं,जिनमें अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, हड़ौती,भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी,छत्तीसगढ़ी, मालवी, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया, कुमाउँनी, मगही आदि प्रमुख हैं। हिंदी की पाँच उपभाषाएँ हैं पश्चिमी हिंदी - पश्चिमी हिंदी का विकास शौरसैनी अपभ्रंश से हुआ...

नए मानक गढ़ती हिंदी

किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा और संस्कृति से होती है. 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि इस दिन के महत्व देखते...