Guruji ne diya tha samajik samarsta par sabse adhik jor

गुरुजी ने दिया था सामाजिक समरसता पर सबसे अधिक जोर

टीम हिन्दी ‘जिस प्रकार किसी पेड़ के बढ़ते समय उसकी सूखी शाखाएँ गिरकर उनके स्थान पर नई-नई शाखाएँ खड़ी हो जाती हैं उसी प्रकार अपने समाज में भी एक समय विद्यमान वर्ण व्यवस्था में बदल कर अपने लिए आवश्यक नई रचना समाज करेगा. यह समाज...