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एक दिन नहीं, सब दिन है हमारी हिन्दी का

तरुण शर्मा हिन्दी हमारे लिए महज एक भाषा नहीं, हमारी मां है। सनातनी परंपरा में मां के लिए कोई खास दिन नहीं होता है। हर दिन तो मां से शुरू होती है। मां के आशीष से। मां की ममता से। मां के वात्सल्य से। मां...

इन परंपराओं में छिपा है वैज्ञानिक तथ्य

टीम हिन्दी हिंदू परंपराओं की जब बात की जाती है, तो लोग कई तरह के तर्क-वितर्क करते हैं, लेकिन इन सबों के बावजूद हिंदू परंपराओं का अपना एक अलग महत्व रहा है। आज हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इन परंपराओं के...

दोहा को कितना समझते हैं आप ?

टीम हिन्दी दोहा एक मासिक छंद है जिसके प्रथम और तृतीय चरण में 13,13 मात्राएं होती है, और दूसरे और अंतिम चरण में 11,11 मात्राएं होती है। इसमें 24 ,24 मात्रा की दो पंक्तियां होती है। दोहा में 24,24 मात्रा की दो पंक्ति होती है...

भारत का गौरव: संगीत वाद्य यंत्र

टीम हिन्दी संगीत वाद्य, संगीत का वास्ततविक चित्र प्रस्तुीत करते हैं । इनका अध्यकयन संगीत के उदभव की जानकारी देने में सहायक होता है और वाद्य जिस जनसमूह से सम्बं्धित होते हैं, उसकी संस्कृ ति के कई पहलुओं का भी वर्णन करते हैं । उदाहरण...

भाव की भाषा है हिन्दी

टीम हिन्दी भारत एक बहुभाषी देश है। इस कारण एक ऐसी भाषा की मांग बढ़ी जिसके माध्यम से आमजन के मध्य सम्पर्क साधा जा सके। यह काम हिंदी ने किया। हिंदी, उर्दू और संस्कृत की करीबी है। इसके साथ ही यह दक्षिण भारत की क्षेत्रीय...

भारत का गौरव: यहां की ज्ञान-विज्ञान

टीम हिन्दी प्राचीन भारतीय वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के निर्माण के संबंध में अवधारणा व्यक्त की थी| उनके अनुसार ब्रह्मांड “पंचमहाभूतों” भूमि, जल, आग, हवा और आकाश से मिलकर बना है| वे लोग यूनानियों से पहले अणुओं और परमाणुओं के अस्तित्व के बारे में जानते थे|...

लौंग: देखन में छोटन लगे, है बड़े हितकारी

टीम हिन्दी लौंग बेशक आकार में छोटा है, लेकिन इसके कई चमत्कारी फायदे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि लौंग सर्दी-खांसी से लेकर मधुमेह और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी काम आता है. लौंग को दादी नानी के नुस्को में एक विशेष...

राजनीतिक शुचिता की मिसाल थी सुषमा स्वराज

 डॉ. नंद किशोर गर्ग  सुषमा स्वराज अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके न होने का अहसास मुझे अब तक नहीं हो रहा है। ऐसा लगता है मानो वह एक बार फिर मेरे सामने होंगी और हंसते हुए अपने चिरपरिचत अंदाज में कहेंगी कैसे है...

विश्व भर में पहुँच है हमारी हिन्दी की

यदि यह कहा जाए कि 21वीं विज्ञान एवं तकनीक के सहारे पूरी दुनिया एक वैश्विक गाँव में तब्दील हो रही है और स्थलीय व भौगोलिक दूरियां अपनी अर्थवत्ता खो रहीं हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. वर्तमान विश्व व्यवस्था आर्थिक और व्यापारिक आधार पर ध्रुवीकरण...

क्या आपको पता है, अमेरिका में हिन्दी बनी नंबर 1 भाषा

टीम हिन्दी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका में रैली को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। पूरी दुनिया में इसकी विवेचना हो रही है। लेकिन क्या आपको पता है कि अमेरिका में हमारी मातृभाषा हिन्दी नंबर वन पर है? यदि नहीं है,...

भारत का गौरव : भारतीय साहित्य

टीम हिन्दी तमाम भारतीय भाषाओं में रचित साहित्य ही सच्चा भारतीय साहित्य है। सभी समान अधिकार के पात्र हैं। यह बात अलग है कि हिन्दी का क्षेत्र और पहुँच अन्यों से अधिक है। साथ ही यह भी सच है कि प्रान्तीय भाषाओं का लेखन हिन्दी...

21वीं सदी में कैसी है हिन्दी की स्थिति ?

टीम हिन्दी हिन्दी हमारे देश की सर्व प्रमुख भाषा है। इसके बिना भारत में किसी को भी अखिल भारतीय स्वीकृति मिलनी कठिन है। यह अपने आप में हिन्दी भाषा की व्यापकता है कि राष्ट्रभाषा के रूप में इसकी पहचान है। हिन्दी का विकास हिन्दी के...

भारतीय भाषाओं में क्या है समानता ?

टीम हिन्दी भारत सांस्कृतिक विविधता के साथ ही साथ भाषाई विविधता वाला देश है। कोस-कोस पर बदले पानी चार कोस पर बदले वाणी की कहावत इसी परिपेक्ष्य में प्रचलित रही है। अनेक बदलावों के बाद भी आज भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता अपने मूल...

चौथी पारी

उम्र का तीसरा पड़ाव भी समाप्त होने को था। अपने जीवन की जिम्मेदारियाँ लगभग पूरी कर चुके थे तरूण। तीनों बच्चे खुश थे अपनी जिंदगी में। अवकाश प्राप्ति के बस कुछ ही दिन शेष बचे थे। एक तरफ आपाधापी की जिंदगी से मुक्त होने का...