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Utrakhand

फूलदेई उत्तराखंड का प्रकृति से जुड़ा त्यौहार

उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां हर कुछ नेचर से जुड़ा हुआ है। चाहे खान-पान हो, पहनावा हो या फिर घूमने की कोई जगह हो| ऐसा ही एक त्योहार है फूलदेई जो की चैत्र संक्रांति को शुरू होता है| इस त्यौहार...
Lakh Churiyan

लाख की चूड़ियों का वर्णन हमारे भारतीय वेद-पुराणों में भी है

भारत के लगभग हर घर में महिलाएं चूड़ियां पहनती है| चाहे कुंवारी हो या शादीशुदा हर किसी को चूड़ियां पहनने का शौक होता है और पहने भी क्यूं ना? यह तो महिलाओं की अत्यंत प्रिय होती है| चूड़ियों से उनकी खूबसूरती पर चार चाँद जो...
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7वें अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ओलंपियाड 2024 पुरस्कार तथा सम्मान समारोह के भव्य कार्यक्रम में द हिन्दी के संस्थापक सदस्य श्री सुभाष चंद्र जी को विशिष्ट अतिथि के तौर पर सम्मानित किया गया।

  हिन्दी विकास मंच द्वारा आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ओलंपियाड 2024 पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन बीते रविवार 11 फरवरी को दिल्ली के एनडीएमसी सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव श्री...
Bani Thani

कौन थी भारत की मोनालिसा….बणी-ठणी

जब आप अपनी अभिव्यक्ति को कुछ आड़ी तिरछी रेखाओं और रंगों की मदद से कैनवास पर कुछ ऐसा उकरते हो कि देखने वालों की आँखें और मन दोनों आनंदित हो जाए तो मान लिजिए यह एक अदभूत कला का उदाहरण है।भारत ही नहीं,पूरी दुनिया में...
Shak Samvat And Indian Calendar Www.thehindi.in

आइये जानें शक संवत और शकों के बारे में

नई दिल्ली। हम सभी आय दिन घरों और कार्यालयों में कभी न कभी कलेण्डर देखते ही हैं।लेकिन क्या आपको पता है कि हम जिस कलेण्डर को देखते हैं। वह हमारे देश का अपना कलेण्डर नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर मान्य ग्रिगोरियन कलेण्डर है। हम आपको...
Natraj

भारतीय संस्कृति की परिचायक नटराज की मूर्ति

  भारत की संस्कृति की सबसे पौराणिक इतिहासों में शामिल नटराज की मूर्ति का इतिहास शायद उतना ही पुराना है, जितना कि भारतीय संस्कृति। शिव का नटराज रूप मूल रूप से दक्षिणी भारत से आता है, विशेष रूप से तमिलनाडु से। ये सृष्टि की प्रचुरता...
Bhimbetka

भीमबेटका की कहानी हमारी जुबानी

भारत में संस्कृति इतनी पुरानी रही है जितनी की संभवत पृथ्वी पर मनुष्य का जीवन । वेद और साहित्य से भी पहले भारत की चौहद्दी में मनुष्य रहा करते थें। उनके भी अपने रंग ठंग थे, और एक जीवन शैली  भी थी । जी हां,...
Bharat Mandapamkonark Sun Templeg20indian Cultureindian Www.thehindi.in

भारत मंडपम में विदेशी मेहमानों के पीछे यह चक्र कहां का है? क्या है इसका इतिहास

नई दिल्ली। G20  के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने सदस्य देशों के प्रतिनिधि  भारत  आ गए हैं। दिल्ली के प्रगति  मैदान के भारत मंडपम में उनका जोर शोर से स्वागत किया जा रहा है। इसमें शामिल होने आए मेहमानों में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन,...
Kalbeliya Dance Ka Sambandh Hai Saanpon Se Janye Kaise Www.thehindi.in

कालबेलिया डांस का संबंध है सांपों से। जानिए कैसे…

भारतीय संस्कृति में कई ऐसे रोचक तथ्य हैं जिन्हें आप को जानकर हैरानी भी होगी और आश्चर्य भी । पश्चिम में गुजरात से लेकर पूरब में अरूणाचल तक और उत्तर में लद्दाख से लेकर दक्षिण में अंडमान निकोबार तक हर प्रांत हर कस्बे और हर...
Aaye Jaante Hai Chand Ki Solah Kalaon Ke Baare Me Www.thehindi.in

आईये जानते हैं चांद की सोलहों कलाओं के बारे में

 नई दिल्ली । भारतीय परंपरा हो या साहित्य, सबमें चांद की अपनी एक विशेष जगह है। हाल ही में भारत ने चांद पर अपना सफल मिशन पूरा किया है । भारत की यह वैज्ञानिक जीत भारत को उन अग्रणी देशों की पंक्तियों में ला कर...

स्वच्छ भारत अभियान का स्वच्छता गीत ‘गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल’ होली पर मचाएगा धूम!

स्वच्छ भारत अभियान का स्वच्छता गीत ‘गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल’ आपने सुना ही होगा। कचरे लेने वाली गाडी में बजने वाला यह गीत अब डीजे पर थिरकने वालों के बीच भी ख़ासा लोकप्रिय हो रहा है। इसका ताज़ा उदाहरण बनी छत्तीसगढ़ की...

पाश्चात्य जीवन शैली से हट कर भारतीय जीवन शैली का अनुकरण करना कितना लाभकारी

भारतीय संस्कृति को विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृतियों में से एक माना जाता है। और आज भारत अपने इन्हीं अनूठे सांस्कृतिक मूल्यों की वजह से पूरे विश्व में जाना जाता है। किसी ने कहा है कि, "सभ्यता तो अनेक देशों के पास है परंतु भारत...

हर रंग को अपने साथ लेकर चलती है भारतीय रेल

टीम हिन्दी अनेकता में एकता का बेहतर प्रतीक है भारत। हर प्रांत, हर क्षेत्र की अलग-अलग वेश-भूषा। विभिन्न खान-पान। बोलचाल की भाषा भी अलग। इन तमाम रंगों को एक साथ जोड़कर रखती है भारतीयता। और इसका बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करती है भारतीय रेल। कश्मीर से...

मोबाइल की आभासी दुनिया में मलखम्ब जैसे खेल कहीं लुप्त न हो जाएं!

वह भी क्या दिन थे जब शाम होते ही मोहल्लों की छोटी छोटी सडकें शोर से गूंजती रहती थी। ऐसा कोई पार्क नहीं होता था जहाँ बच्चों की टोलियाँ नहीं दिखती थी! खोखो, ताड़म ताड़ी, छिपम-छिपाई, गुल्लीडंडा, बाघ-बकरी, रस्सीकूद, पिट्ठू, लंगड़ी टांग, कंचे, लट्टू क्या...

उफनती भागीरथी नदी के वेग को शांत करता है हरिद्वार!

देवताओं की असीम अनुकम्पा, प्राकृतिक संपदा, नैसर्गिक सुन्दरता, शुद्ध वातावरण को मिलाकर बनता है देवभूमि उत्तराखंड। उत्तराखंड उत्तर और खंड के मेल से बना वह प्रदेश है जिस पर प्रकृति ने जी भर का प्यार बरसाया है। उत्तराखंड का नाम सुनते ही हरे भरे पहाड़,...