Kaano me ras gholti hai sawan ke geet

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कानों में रस घोलती है सावन के गीत

टीम हिन्दी बारिश प्रकृति में नवजीवन भर देती है। हरीतिमा की फैली चादर और ऊपर से पड़ती फुहार मानव तन-मन को हुलसाती है. उसमें रस का संचार करती है. प्रेम अपने पात्र से छलकने लगता है. संवेदनशील मन में नए विचार और शब्द आते हैं....

कानों में रस घोलती है सावन के गीत

टीम हिन्दी बारिश प्रकृति में नवजीवन भर देती है। हरीतिमा की फैली चादर और ऊपर से पड़ती फुहार मानव तन-मन को हुलसाती है. उसमें रस का संचार करती है. प्रेम अपने पात्र से छलकने लगता है. संवेदनशील मन में नए विचार और शब्द आते हैं....