Mahadevi Verma

महादेवी वर्मा : जिन्होंने व्यथा को भी दिया सौंदर्य

वे मुस्काते फूल, नहीं जिनको आता है मुरझाना, वे तारों के दीप, नहीं जिनको भाता है बुझ जाना जब हम किसी रचना को पढ़ते हैं, तो उस रचना में इतनी ताकत होती है कि उनके एक-एक शब्द को हम जीने लगते हैं. उन रचनाओं में...