Meri to saiutan rahi dharamyug

मेरी तो सौतन रही धर्मयुग : पुष्पा भारती

धर्मयुग यानी हिंदी पत्रकारीय जगत का एक मानक। जिसमें छपना और उसे पढना दोनों ही उस कालखण्ड के लिए खास रहा। ऐसे में यदि कोई कहे कि धर्मयुग तो सौतन रही, तो कुछ पल के लिए सोचना होगा। हां, हम बात कर रहे हैं धर्मयुग...