Navratri pooja

Navratr

क्यों रखा जाता है नवरात्रों के दौरान ‘व्रत’

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ।। अर्थात्- हे नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगल मयी हो, कल्याण दायिनी शिवा हो, सब पुरुषार्थो को सिद्ध करने वाली, शरणागत वत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो। सर्वप्रथम, तुम्हें...