Patriotism

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की त्रिमूर्ति भारत के लिए रहेगी वंदनीय!

"वे झूल गए थे फांसी पर मेरी आज़ादी की खातिर"  कुछ एहसान ऐसे होते हैं जिनको हम कभी नहीं उतार सकते। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की त्रिमूर्ति सदा से भारत के लिए वंदनीय थी है और रहेगी। 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेजों की बहरी...