Rahim ke dohe

रहीम के दोहे में सामाजिक समरसता

टीम हिन्दी दोहे की प्रकृति ‘गागर में सागर’ भरने की होती है। दिल की जितनी गहराई से उठा भाव दोहे की शक्ल लेता है, उतना ही गहरा होता है उसका घाव। रहीम के दोहों में ये दोनों खूबियाँ हैं। उनमें तेज धार है और ग़जब...

भाषा को सरल बनाते रहीम के दोहे

टीम हिन्दी रहीम जी का व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली था. यह मुसलमान होकर भी कृष्ण भक्त थे. इन्होंने खुद को "रहिमन" कहकर भी सम्बोधित किया है. इनके काव्य में नीति, भक्ति, प्रेम और श्रृंगार का सुन्दर समावेश मिलता है. भाषा को सरल, सरस व मधुर बनाने...