short stories by anjana jha

स्त्री का अस्तित्व

रूपा तीन विद्यालयों की संचालिका है। इतनी कर्मठ महिला अपने आप सम्मान की पात्रा हो जाती है। कितने को ही रोजगार देने में सक्षम । एक समय ऐसा भी था जब वह अपनी जिंदगी से निराश हो चुकी थी। जीवन का चक्र तो अनवरत चलता...