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साहित्य में समृद्ध है सावन का स्वर

  टीम हिन्दी सावन के महीने को बरसात ऋतु का पर्याय माना जाता है. इसी कारण, यह साहित्यकारों को बहुत प्रिय रहा है. साहित्य सर्जना के अंकुर फूट जाते हैं. संस्कृत साहित्य में अगर कालिदास के वर्षा ऋतु के वर्णन को सबसे अनुपम पक्ष माना...
Ghevar Recipe

घेवर के बिना अधूरा हैं सावन का त्योहार

सावन का सबसे खास व्यंजन है घेवर. अधिकतर लोग सावन में इसे खाना पसंद करते हैं. बरसात के मौसम में कई तरह के व्यंजन बनते हैं लेकिन घेवर की बात की कुछ अलग है. यह मैदे से बना, मधुमक्खी के छत्ते की तरह दिखाई देने...
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अनेकता में एकता को पुष्ट करता है , हिन्दी में हस्ताक्षर अभियान

भारत विविधताओं का देश है — भाषाओं, संस्कृतियों, धर्मों और परंपराओं से भरा हुआ। इन विविधताओं के बीच जो शक्ति हमें एक सूत्र में बांधती है, वह है हमारी साझी चेतना और संवाद की भाषा। इस दिशा में हाल ही में शुरू हुआ हिन्दी में...
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भारत की ऋतुएँ और मानव शरीर

भारत को धरती का गौरव तथा प्रकृति का पुण्य लीलास्थल कहा गया है। विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां समय-समय पर विभिन्न ऋतुएं अपनी छटा बिखेरती हैं। मुख्य रूप से भारत में 3 ऋतुएं है- शीत, ग्रीष्म, और वर्षा ऋतु। भारतीय मौसम...
Rabindranath Tagore

एक महान कवि, साहित्यकार, संगीतकार गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर

गुरुदेव 'रबीन्द्रनाथ टैगोर’ 6 मई 1861- 7 अगस्त 1941   https://www.youtube.com/watch?v=xoXg_OuhWzA "जो धरती की आत्मा के निकट है,  जो उससे ही बने, उसी में ढले हैं,  जो अपना अंतिम विराम उसी में पाएंगे,  मैं उन सब का मित्र हूं, मैं कवि हूँ।" साहित्य की हरेक...
Panchanga

कितना जानते हैं भारतीय पंचांग के बारे में ?

टीम हिन्दी पंचांग का अनुवाद ‘पांच अंग’ के रूप में किया जाता है जो भारतीय ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण नींव है।  हम कह सकते हैं कि पंचांग वैदिक ज्योतिष की डायरी या कैलेंडर है। पंचांग किसी व्यक्ति की कुंडली तैयार करने और अपनी जिंदगी की...
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बरसाने की विश्व प्रसिद्ध होली का क्या है इतिहास, जानें इस परंपरा के बारे में विस्तार से

Barsane ki Holi: वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय त्यौहार है, होली। इसे हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने यानी कि मार्च के आसपास, पूर्णिमा को मनाया जाता है। रंगों और पिचकारियों के इस त्यौहार की धूम न सिर्फ हमारे देश बल्कि...
India Bharat

कैसे पड़ा हमारे देश का नाम “भारत”?

विभिन्न संस्कृतियों एवं अनेक सभ्यताओं वाला हमारा देश भारत आज अपने समृद्ध साहित्य एवं इतिहास हेतु जाना जाता है। यहां ऐसी कई ऐसी महान विभूतियां हुई जिन्होंने इस धरा को अपने पवित्र कर्मों से सुशोभित किया। और कहीं न कहीं इस देश का नाम भारत...
Saraswati

बसंत पंचमी पर क्यों करते हैं सरस्वती की पूजा ?

ॐ नमस्ते शारदे देवी, सरस्वती मतिप्रदे वसत्वम् मम जिव्हाग्रे, सर्वविद्याप्रदोभवः। अर्थात - 'हे देवी शारदा! आपको मेरा प्रणाम। हे विद्या दायिनी देवी सरस्वती! आप मेरी जिव्हा के अग्र भाग में निवास कीजिए तथा मुझे समस्त विद्याओं का ज्ञान दीजिए।' बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती...
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जिसे दिया श्राप, उससे ही मिला विवाह का आर्शीवाद- तुलसी विवाह

TULSI VIVAH:तुलसी कहने को एक पौधा मात्र हो सकता है। लेकिन शास्त्रों में इसे लेकर कई सारी बाते कही गई हैं। वैसे तो तुलसी के औषधीय महत्व को आज का विज्ञान भी मानता है। लेकिन इसकी जड़े भारतीय संस्कृति में बहुत पुरानी जमी है। भारत...
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ज़िंदगी का खेल….

अक्सर ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है, किसी की ज़िंदगी में अच्छा और किसी की में बुरा बनवाती है, कुछ पलो की ख़ुशी और इतने गम दे जाती है, ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है | कभी हंसता खेलता बच्चा तो कभी एक...
Happy Holi In Britain

भारत के अलावा किन देशों में धूमधाम से मनाई जाती है दिवाली?

टीम हिन्दी यदि यह कहा जाए कि दिवाली किसी धर्म विशेष का त्योहार नहीं, बल्कि खुशियों का त्योहार है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. यही कारण है कि अब दिवाली केवल भारत में नहीं, बल्कि कई दूसरे देशों में भी मनाया जाता है. यह पर्व...
Kaartik Maas

महीनों में सर्वश्रेष्ठ मास : कार्तिक मास

“न कार्तिकसमो मासः न देवः केशवात्परः । न वेदसदृशं शास्त्रं न तीर्थं गङ्गया समम् ।।” अर्थात्- कार्तिक मास के समान कोई मास नहीं है, श्रीविष्णु से बढ़कर कोई देवता नहीं है, वेद के तुल्य कोई शास्त्र नहीं है और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं...
Navratr

क्यों रखा जाता है नवरात्रों के दौरान ‘व्रत’

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ।। अर्थात्- हे नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगल मयी हो, कल्याण दायिनी शिवा हो, सब पुरुषार्थो को सिद्ध करने वाली, शरणागत वत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो। सर्वप्रथम, तुम्हें...
Mayasur

क्या आप जानते हैं…सिर्फ भगवान विश्वकर्मा नहीं हैं भारत में वास्तु के देवता

नई दिल्ली। वैसे तो हिंदुओं में मान्यता है कि वास्तुशास्त्र के देवता के रूप में स्वयं भगवान विश्वकर्मा स्थापित हैं। हम जब भी कोई घर, दुकान या कोई अन्य प्रतिष्ठान बनाते हैं तो वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है। वास्तु में दिशा, प्रकाश, वायु,...