अक्सर ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है, किसी की ज़िंदगी में अच्छा और किसी की में बुरा बनवाती है, कुछ पलो की ख़ुशी और इतने गम दे जाती है, ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है | कभी हंसता खेलता बच्चा तो कभी एक...
टीम हिन्दी यदि यह कहा जाए कि दिवाली किसी धर्म विशेष का त्योहार नहीं, बल्कि खुशियों का त्योहार है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. यही कारण है कि अब दिवाली केवल भारत में नहीं, बल्कि कई दूसरे देशों में भी मनाया जाता है. यह पर्व...
“न कार्तिकसमो मासः न देवः केशवात्परः । न वेदसदृशं शास्त्रं न तीर्थं गङ्गया समम् ।।” अर्थात्- कार्तिक मास के समान कोई मास नहीं है, श्रीविष्णु से बढ़कर कोई देवता नहीं है, वेद के तुल्य कोई शास्त्र नहीं है और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं...
टीम हिन्दी वैदिक काल से ही भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक और शौर्य की उपासक रही है। हमारी संस्कृति कि गाथा इतनी निराली है कि देश के अलावा विदेशों में भी इसकी गुंज सुनाई देती है। तभी तो पुरी दुनिया ने भारत को...
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व महापौर व हिंदी भाषा के पुरोधा स्व. महेश चंद्र शर्मा जी की स्मृति में गठित न्यास द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी भवन, दिल्ली में शिक्षक सम्मान एवं छात्रवृत्ति समारोह का आयोजन शनिवार, 6 सितंबर 2025 को हुआ। महेश...
सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ।। अर्थात्- हे नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगल मयी हो, कल्याण दायिनी शिवा हो, सब पुरुषार्थो को सिद्ध करने वाली, शरणागत वत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो। सर्वप्रथम, तुम्हें...
जब भी हम और आप किसी के रंग-रूप से उसका आकलन करते हैं, तो गलत साबित होते हैं. सही में उसके बारे में विस्तार से जानना है, तो उसके व्यक्तित्व और कृतित्व का आकलन करना होगा. ऐसा ही कुछ हाल है अभिनेता टाॅम अल्टर के...
टीम हिन्दी क्या आपने खाया है कंटोला ? कंटोला एक हरी सब्जी है, जिसे हर क्षेत्र में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. कोई इसे खेकसी कहता है, कोई कांकेड, कहीं यह चठैल के नाम से बिकता है. नाम चाहे जो हो, लेकिन इतना तय...
चंदन की लकड़ी भारतीय परंपराओं की एक महत्वपूर्ण अंग है. आदि काल से इसका प्रयोग पूजा, हवन, कर्मकांड में बहुत किया जाता है. भारतीय परंपरा में कोई भी पूजा और हवन बिना चंदन की लकड़ी के पूर्ण नहीं होता. कर्म दैवीय हो या पितृ, चंदन...
देश आजाद हुए 41 साल हो गए थे. राजीव गाँधी लाल किले पर भाषण दे रहे थे. पूरा देश आजादी के उत्सव में डूबा हुआ था. उस समय राजीव गाँधी के भाषण के बाद दूरदर्शन पर एक गीत प्रस्तुत हुआ. लोग अपने टी.वी के सामने...
टीम हिन्दी हर साल स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।...
नई दिल्ली। भाषा प्रेमी तरुण शर्मा ने हिन्दी भाषा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारी रगों में रची-बसी है हिन्दी, यह हमारी पहचान और संस्कृति का हिस्सा है। हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारे दिलों और विचारों में गहराई से बसी हुई...
भारत एक ‘गणतंत्र राष्ट्र’ के रूप में जाना जाता है। और हर साल इस गणतांत्रिक देश में बड़ी ही धूमधाम से 26 जनवरी के दिन ‘गणतंत्र दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन प्रत्येक भारतवासी के मन में अपने देश व मातृभूमि के प्रति अपार स्नेह...
टीम हिन्दी हिंदी सिनेमा में पहले से ही सावन के महीने को लेकर गाने बनते आए हैं, जो सुपरहिट साबित हुए. पुराने गानों में तो कई ऐसे सदाबहार गाने हैं जो आज भी सबके दिलों में बसते हैं. सावन का महीना पवन करे शोर, अय...