भारतीय खगोल के गोल गोल रहस्य
मनुष्य की जिंदगी जब से शुरु हुई है तब से वह आकाश के तरफ अपना चेहरा करके ना जाने कितनी मिन्नतें मांगी होगी। सुख और दुख बताए होंगे। पूनम की रात में चांद को निहारा होगा तो काली घनी अंधेरे में अपनी परछाई को ढ़ूंढ़ता...





