भारत

Saraswati

बसंत पंचमी पर क्यों करते हैं सरस्वती की पूजा ?

ॐ नमस्ते शारदे देवी, सरस्वती मतिप्रदे वसत्वम् मम जिव्हाग्रे, सर्वविद्याप्रदोभवः। अर्थात - 'हे देवी शारदा! आपको मेरा प्रणाम। हे विद्या दायिनी देवी सरस्वती! आप मेरी जिव्हा के अग्र भाग में निवास कीजिए तथा मुझे समस्त विद्याओं का ज्ञान दीजिए।' बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती...
Chandan

समृद्धि और सौंदर्य का रास्ता खोलता है चंदन

चंदन की लकड़ी भारतीय परंपराओं की एक महत्वपूर्ण अंग है. आदि काल से इसका प्रयोग पूजा, हवन, कर्मकांड में बहुत किया जाता है. भारतीय परंपरा में कोई भी पूजा और हवन बिना चंदन की लकड़ी के पूर्ण नहीं होता. कर्म दैवीय हो या पितृ, चंदन...
Rabindranath Tagore

एक महान कवि, साहित्यकार, संगीतकार गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर

गुरुदेव 'रबीन्द्रनाथ टैगोर’ 6 मई 1861- 7 अगस्त 1941   https://www.youtube.com/watch?v=xoXg_OuhWzA "जो धरती की आत्मा के निकट है,  जो उससे ही बने, उसी में ढले हैं,  जो अपना अंतिम विराम उसी में पाएंगे,  मैं उन सब का मित्र हूं, मैं कवि हूँ।" साहित्य की हरेक...
Bhagvaan Mahavir

भगवान महावीर के द्वारा बनाए धर्म को ‘जैन धर्म’ क्यों कहा जाता है

विश्व के सबसे प्राचीन दर्शन या धर्मों में से एक है- 'जैन धर्म'। सिंधु घाटी से मिले जैन अवशेष बताते हैं कि जैन धर्म भारत का सबसे प्राचीन धर्म है। भारत की श्रमण परंपरा से निकला प्राचीन धर्म है - जैन धर्म। जैन अर्थात् कर्मों...
Raja Bhagerath Aur Ganga Avataran Ke Kahane Www.thehindi.in

राजा भागीरथ और गंगा अवतरण की कहानी

राजा भागीरथ इक्ष्वाकु वंश के एक महान प्रतापी राजा थे ।राजा भगीरथ ने गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने के लिए बहुत ही कठोर तप किया क्योंकि केवल गंगा ही भागीरथ के पूर्वजों (राजा सागर के 60 हजार पुत्रों) को मोक्ष देने में सक्षम...
Himachal Ke Rajanaun Ganv Ka Sambandh Hai Mahabharat Kal Ke Chakravyoh Se Janen Kaise Www.thehindi.in

हिमाचल के राजनौण गांव का संबंध है महाभारत काल के चक्रव्यूह से, जानें कैसे

Charkravuh sign in Himachal Pradesh, Rajnaun village: महाभारत काल के चक्रव्यूह के बारे में आप सब जानते ही होंगे पर क्या आपको पता है कि महाभारत काल के चक्रव्यूह का प्रमाण आज भी हिमाचल प्रदेश  के हमीरपुर जिले के राजनौण गांव में देखने  को मिल...
Tulsi Diwas

देश भर में 25 दिसम्बर को मनाया जा रहा है तुलसी दिवस

TULSI DIWAS: एक तरफ पूरी दुनिया 25 दिसम्बर को क्रिसमस डे मना रही है वहीं भारत में संस्कृति की पैरोकारिता करते हुए बड़े हर्षोल्लास के साथ तुलसी दिवस मनाया जा रहा है। दरअसल, सनातन धर्म में तुलसी को काफी विशेष स्थान प्राप्त है। तुलसी की...
Npic 2023

12वें विश्व हिंदी सम्मेलन नांदी में 15 से 17 फरवरी तक

12 वें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन फिजी के नांदी में 15 से 17 फरवरी तक भारत और फिजी की सरकारों द्वारा सह मेजबानी में किया गया हैं। वहीं, फिजी के राष्ट्रपति रातू ने कहा, यह मंच भारत के साथ फिजी के ऐतिहासिक और विशेष...
Padmabhushan

साधारण मातृशक्ति का असाधारण कीर्तिमान – पद्म पुरस्कार 2020

जननी जन्मभूमिश्च जाह्नवी च जनार्दन:। जनकः पंचमश्चैव, जकाराः पंच दुर्लभाः।। अर्थात् 'ज' वर्ण से प्रारंभ होने वाले शब्द जननी(माता), जन्मभूमि, जाह्नवी(गंगा माता), जनार्दन(विष्णु भगवान) और जनक(पिता) - इन पाँच जकारो का संसार में सर्वाधिक महत्व है, इनके दर्शन दुर्लभ हैं। अतः इनका हमेशा सम्मान किया...
Ncb

इस साल 26 जनवरी के दिन 23 झांकियां, कब हुई थी इसकी शुरुआत

हाईलाइटर : इस साल पहली बार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की झांकी को शामिल किया गया है। इसके माध्ण्यम से नशे से दूरी का संदेश दिया जा रहा है। झांकी के साथ उसके कर्मी और श्वान दस्ते के दो सदस्य भी परेड में हिस्सा ले...

हिन्दी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जो आपको आश्चर्यचकित कर देंगे

भारत एक ऐसा देश जो अपने आप में कई आश्चर्य लिए हुए है। इस देश की कला, संस्कृति, रहन-सहन, इतिहास सबकुछ बहुत ही निराला है। जहाँ इसका इतिहास रोचक है वहीं यहाँ की भाषा भी आश्चर्यों से लबरेज़ और दिलचस्प है- आज हिंदी प्रत्येक भारतवासी...

क्यों कहा जाता है जबलपुर को भारत की संस्कारधानी

"पथ प्रशस्त करता सुखद, देता उत्तम ज्ञान। कलियुग में यह नगर, सचमुच है वरदान।।" - जबलपुर भारत एक ऐसा राष्ट्र जो सदियों से विश्वपटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ते आया है। यहाँ वेद-पुराण धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-सभ्यता, साहित्य, चिन्तन और नीतिशास्त्र की अभिन्न ज्ञान परम्परा देखने को...

भारत में युवाओं की सक्रिय भागीदारी

टीम हिन्दी युवा, भूत नहीं होता। युवा, भविष्य और वर्तमान के बीच में झुला भी नहीं झूलता। वर्तमान के लिए भविष्य लुटता हो, तो लुटे। दुनिया उसे अव्यावहारिक, पागल, दीवाना या दुनियादारी से परे कहती हो, तो कहे। युवा, बंधनों और बने-बनाये रास्तों पर चलने...

क्या है गांधी टोपी का इतिहास ?

टीम हिन्दी जब भी देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस आदि जैसे राष्ट्रीय महत्व के आयोजन होते हैं, तो गांधी टोपी पहने नेता और कार्यकर्ता देखने में आते हैं. यदि हम यह कहें कि गांधी टोपी आजादी की प्रतीक है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी....

लौंग: देखन में छोटन लगे, है बड़े हितकारी

टीम हिन्दी लौंग बेशक आकार में छोटा है, लेकिन इसके कई चमत्कारी फायदे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि लौंग सर्दी-खांसी से लेकर मधुमेह और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी काम आता है. लौंग को दादी नानी के नुस्को में एक विशेष...