धार्मिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक: हमारा भारत
“बहु भाव व एकत्व भव" अर्थात् 'एकरूपता ही समरसता का वास्तविक अर्थ है।' हमारी भारत भूमि संतों, मुनियों और राष्ट्रभक्तों के खून पसीने से सींची गई तपोभूमि है जिसने दुनिया को समरसता का संदेश दिया। भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता ही यही है कि...





