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Bhagvaan Mahavir

भगवान महावीर के द्वारा बनाए धर्म को ‘जैन धर्म’ क्यों कहा जाता है

विश्व के सबसे प्राचीन दर्शन या धर्मों में से एक है- 'जैन धर्म'। सिंधु घाटी से मिले जैन अवशेष बताते हैं कि जैन धर्म भारत का सबसे प्राचीन धर्म है। भारत की श्रमण परंपरा से निकला प्राचीन धर्म है - जैन धर्म। जैन अर्थात् कर्मों...
Raja Bhagerath Aur Ganga Avataran Ke Kahane Www.thehindi.in

राजा भागीरथ और गंगा अवतरण की कहानी

राजा भागीरथ इक्ष्वाकु वंश के एक महान प्रतापी राजा थे ।राजा भगीरथ ने गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने के लिए बहुत ही कठोर तप किया क्योंकि केवल गंगा ही भागीरथ के पूर्वजों (राजा सागर के 60 हजार पुत्रों) को मोक्ष देने में सक्षम...

हिन्दी के लिए गांधी जी का क्या था योगदान?  

टीम हिन्दी हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भले ही खुद गुजरातीभाषी थे, लेकिन हिंदी को लेकर उनका योगदान अतुलनीय रहा है। जब दक्षिण अफ्रीका से गांधी भारत आए तो उनका पहला आंदोलन चंपारण से शुरू हुआ। संयोग से यह चंपारण आंदोलन का शताब्दी वर्ष भी है।...

हिन्दी का एक दिन नहीं होता, हर दिन होता है हिन्दी का – तरुण शर्मा

हिन्दी हमारे लिए महज एक भाषा नहीं, हमारी मां है। सनातनी परंपरा में मां के लिए कोई खास दिन नहीं होता है। हर दिन तो मां से शुरू होती है। मां के आशीष से। मां की ममता से। मां के वात्सल्य से। मां है तो...
Media Interview

हिन्दी के पतन के लिए कितने जिम्मेदार हैं हिन्दी न्यूज चैनल्स

हिन्दी...जिसे संविधान में राजभाषा का दर्जा प्राप्त है. भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिन्दी है. लेकिन अक्सर सुना और देखा जा रहा है कि हिन्दी की अस्मिता को बचाने के लिए साहित्यकार और हिन्दी के चाहने वाले लोग ढ़ेरों प्रयास कर रह...

हिन्दी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जो आपको आश्चर्यचकित कर देंगे

भारत एक ऐसा देश जो अपने आप में कई आश्चर्य लिए हुए है। इस देश की कला, संस्कृति, रहन-सहन, इतिहास सबकुछ बहुत ही निराला है। जहाँ इसका इतिहास रोचक है वहीं यहाँ की भाषा भी आश्चर्यों से लबरेज़ और दिलचस्प है- आज हिंदी प्रत्येक भारतवासी...

एक दिन नहीं, सब दिन है हमारी हिन्दी का

तरुण शर्मा हिन्दी हमारे लिए महज एक भाषा नहीं, हमारी मां है। सनातनी परंपरा में मां के लिए कोई खास दिन नहीं होता है। हर दिन तो मां से शुरू होती है। मां के आशीष से। मां की ममता से। मां के वात्सल्य से। मां...

भाव की भाषा है हिन्दी

टीम हिन्दी भारत एक बहुभाषी देश है। इस कारण एक ऐसी भाषा की मांग बढ़ी जिसके माध्यम से आमजन के मध्य सम्पर्क साधा जा सके। यह काम हिंदी ने किया। हिंदी, उर्दू और संस्कृत की करीबी है। इसके साथ ही यह दक्षिण भारत की क्षेत्रीय...

विश्व भर में पहुँच है हमारी हिन्दी की

यदि यह कहा जाए कि 21वीं विज्ञान एवं तकनीक के सहारे पूरी दुनिया एक वैश्विक गाँव में तब्दील हो रही है और स्थलीय व भौगोलिक दूरियां अपनी अर्थवत्ता खो रहीं हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. वर्तमान विश्व व्यवस्था आर्थिक और व्यापारिक आधार पर ध्रुवीकरण...

क्या आपको पता है, अमेरिका में हिन्दी बनी नंबर 1 भाषा

टीम हिन्दी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका में रैली को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। पूरी दुनिया में इसकी विवेचना हो रही है। लेकिन क्या आपको पता है कि अमेरिका में हमारी मातृभाषा हिन्दी नंबर वन पर है? यदि नहीं है,...

भारत का गौरव : भारतीय साहित्य

टीम हिन्दी तमाम भारतीय भाषाओं में रचित साहित्य ही सच्चा भारतीय साहित्य है। सभी समान अधिकार के पात्र हैं। यह बात अलग है कि हिन्दी का क्षेत्र और पहुँच अन्यों से अधिक है। साथ ही यह भी सच है कि प्रान्तीय भाषाओं का लेखन हिन्दी...

21वीं सदी में कैसी है हिन्दी की स्थिति ?

टीम हिन्दी हिन्दी हमारे देश की सर्व प्रमुख भाषा है। इसके बिना भारत में किसी को भी अखिल भारतीय स्वीकृति मिलनी कठिन है। यह अपने आप में हिन्दी भाषा की व्यापकता है कि राष्ट्रभाषा के रूप में इसकी पहचान है। हिन्दी का विकास हिन्दी के...

भारतीय भाषाओं में क्या है समानता ?

टीम हिन्दी भारत सांस्कृतिक विविधता के साथ ही साथ भाषाई विविधता वाला देश है। कोस-कोस पर बदले पानी चार कोस पर बदले वाणी की कहावत इसी परिपेक्ष्य में प्रचलित रही है। अनेक बदलावों के बाद भी आज भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता अपने मूल...
Choupai

साहित्य में चौपाई का क्या है मतलब ?

टीम हिन्दी चौपाई मात्रिक सम छन्द का एक भेद है। प्राकृत तथा अपभ्रंश के 16 मात्रा के वर्णनात्मक छन्दों के आधार पर विकसित हिन्दी का सर्वप्रिय और अपना छन्द है। गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस में चौपाई छन्द का बहुत अच्छा निर्वाह किया है। चौपाई में...

14 सितंबर हिन्दी दिवस 2019 को और कैसे मनाएं ?

श्री महेश चन्द्र शर्मा आज से ठीक 70 वर्ष पूर्व 14 सितंबर, 1949 के दिन संविधान सभा द्वारा हिन्दी को भारत संघ की राजभाषा के रूप् में मान्यता दी गई थी। संविधान के निर्माताओं ने सोचा था कि अंग्रेजी का प्रयोग धीरे-धीरे कम करके भारतीय...