दोहा को कितना समझते हैं आप ?

टीम हिन्दी दोहा एक मासिक छंद है जिसके प्रथम और तृतीय चरण में 13,13 मात्राएं होती है, और दूसरे और अंतिम चरण में 11,11 मात्राएं होती है। इसमें 24 ,24 मात्रा की दो पंक्तियां होती है। दोहा में 24,24 मात्रा की दो पंक्ति होती है...

ऑनलाइन क्लास: लाभ के साथ हानि भी साथ लाया

वास्तविक दुनिया में कोविड की दहशत, बचाव और बदइंतजामियों की हलचलों के बीच वर्चुअल संसार में एक खामोश सी गहमागहमी मची हुई थी. घर देखते ही देखते क्वारंटीन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन कामकाज और ऑनलाइन पढ़ाई के ठिकाने बन गए. ये सिलसिला करीब एक साल...

ऋगवेद : ऐतिहासिक ग्रन्थ जिसे समझना बाकी है

टीम हिन्दी ऋग्वेद भारत की ही नहीं सम्पूर्ण विश्व की प्राचीनतम रचना है। इसकी तिथि 1500 से 1000 ई.पू. मानी जाती है। कहा जाता है कि इसकी रचना सप्त-सैंधव प्रदेश में हुई थी। ऋग्वेद और ईरानी ग्रन्थ 'जेंद अवेस्ता' में समानता पाई जाती है। ऋग्वेद...

भारत में युवाओं की सक्रिय भागीदारी

टीम हिन्दी युवा, भूत नहीं होता। युवा, भविष्य और वर्तमान के बीच में झुला भी नहीं झूलता। वर्तमान के लिए भविष्य लुटता हो, तो लुटे। दुनिया उसे अव्यावहारिक, पागल, दीवाना या दुनियादारी से परे कहती हो, तो कहे। युवा, बंधनों और बने-बनाये रास्तों पर चलने...

हिंदी कविता रोटियां – कवि प्रशांत

अजीब दास्तान हैं दोस्तों मेरे हिन्दुस्तान की कोई फेंक देता हैं खाना बेकार समझकर कचरें में तो किसी को एक पल के खानें में दो "रोटियां" भी नसीब नहीं एक तरफ शादियों में हो रही हैं खाने की बर्बादी दुसरी तरफ भूखी मर रही हैं...

भारत का गौरव: संगीत वाद्य यंत्र

टीम हिन्दी संगीत वाद्य, संगीत का वास्ततविक चित्र प्रस्तुीत करते हैं । इनका अध्यकयन संगीत के उदभव की जानकारी देने में सहायक होता है और वाद्य जिस जनसमूह से सम्बं्धित होते हैं, उसकी संस्कृ ति के कई पहलुओं का भी वर्णन करते हैं । उदाहरण...

हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित करे सरकार, तभी आएगा रामराज्य: महेश चंद्र शर्मा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व महापौर श्री महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि सरकारी स्तर पर हिन्दी के नाम पर अधिकतर खाना पूर्ति होती है। हिन्दी पखवाड़ा और हिन्दी दिवस के अवसर पर सरकारी आयोजन होते रहे हैं, लेकिन...

किसने कहा सबसे पहले कि पृथ्वी गोल है ?

टीम हिन्दी पृथ्वी गोल है, कहना, आज जितना सरल और सही लगता है। आज से लगभग पांच सौ वर्ष पूर्व पृथ्वी को गोल कहना उतना सरल और सही नहीं लगता था. क्योंकि तब हम पृथ्वी को सपाट मानते थे. पृथ्वी को कुछ लोगों ने चौकोर...

कोरोना से आए, ये सकारात्मक बदलाव – तरुण भारत

कोरोना वायरस महामारी से उबरने के बाद दुनिया भर में एक नया रूप दिखाई देने की संभावना है, जिसमें कई चीजें बदली हुई हो सकती हैं। लॉकडाउन की अवधि ने लोगों को जीवनयापन के कई विकल्प दिये हैं, इसी के साथ लोगों को प्राथमिकताओं का...

भाव की भाषा है हिन्दी

टीम हिन्दी भारत एक बहुभाषी देश है। इस कारण एक ऐसी भाषा की मांग बढ़ी जिसके माध्यम से आमजन के मध्य सम्पर्क साधा जा सके। यह काम हिंदी ने किया। हिंदी, उर्दू और संस्कृत की करीबी है। इसके साथ ही यह दक्षिण भारत की क्षेत्रीय...

भारतीय कला , धर्म और लोक का बेहतरीन संगम

टीम हिन्दी भारतीय कला अपनी प्राचीनता तथा विवधता के लिए विख्यात रही है। आज जिस रूप में 'कला' शब्द अत्यन्त व्यापक और बहुअर्थी हो गया है, प्राचीन काल में उसका एक छोटा हिस्सा भी न था। यदि ऐतिहासिक काल को छोड़ और पीछे प्रागैतिहासिक काल...

त्याग की प्रतिमूर्ति “श्रीराम” के पर्याय बनते जा रहे हैं विधायक नीरज शर्मा

फरीदाबाद। जिसने अपना सबकुछ समाज और देश के लिए अर्पित कर दिया हो, वह साक्षात मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अनुचर हो जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन को यदि एक पंक्ति में कहा जाए तो हम सकते हैं कि समाज और लोकहित में जिसने...

क्या है गांधी टोपी का इतिहास ?

टीम हिन्दी जब भी देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस आदि जैसे राष्ट्रीय महत्व के आयोजन होते हैं, तो गांधी टोपी पहने नेता और कार्यकर्ता देखने में आते हैं. यदि हम यह कहें कि गांधी टोपी आजादी की प्रतीक है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी....

भारत का गौरव: यहां की ज्ञान-विज्ञान

टीम हिन्दी प्राचीन भारतीय वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के निर्माण के संबंध में अवधारणा व्यक्त की थी| उनके अनुसार ब्रह्मांड “पंचमहाभूतों” भूमि, जल, आग, हवा और आकाश से मिलकर बना है| वे लोग यूनानियों से पहले अणुओं और परमाणुओं के अस्तित्व के बारे में जानते थे|...