आजकल

हिंदी भाषा की विभिन्न बोलियाँ और उनका विस्तार

हिन्दी की अनेक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं, भारत में कुल 18 बोलियाँ हैं,जिनमें अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, हड़ौती,भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी,छत्तीसगढ़ी, मालवी, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया, कुमाउँनी, मगही आदि प्रमुख हैं। हिंदी की पाँच उपभाषाएँ हैं पश्चिमी हिंदी - पश्चिमी हिंदी का विकास शौरसैनी अपभ्रंश से हुआ...

पुस्तक जैसा कोई नहीं: विशाल सहाय

येषां न विद्या न तपो न दानं, ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः। ते मर्त्यलोके भुविभारभूता, मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति॥ भावार्थ: जिन लोगों के पास न तो विद्या है, न तप, न दान, न शील, न गुण और न धर्म। वे लोग इस पृथ्वी पर भार...

कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी) की एबीसीडी

जमाना खुद को दोहराता है - बात साबित हो गयी है जनाब। सीडी 15-20 साल पहले समसामयिक थी, अब मुख्य धारा से दूर छिंटक के विपक्ष में बैठ गयी है। वो तो भला हो पार्टी लेबलधारी महानुभावों का जिन्होंने सीडी को विलुप्त होने से रोका...

क्रिएटिविटी और क्षमताओं को रिबूट करें इस लॉकडाउन में

वर्तमान का सच यही है कि हम और आप लाॅकडाउन में जी रहे हैं। कोरोना ने भारत में दस्तक दी और चंद दिनों के बाद ही केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में लाॅकडाउन लागू कर दिया गया। लाॅकडाउन से तात्पर्य यह है कि...

जरा सा परिवर्तन, जो आपको रखेगा हिट और फिट

अभी का समय सोचने का है। कोरोना के कारण समस्या गंभीर है। पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। इसके पर्याप्त कारण भी है। पूरी दुनिया ने माना है कि हम भारतीयों का रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत अधिक मजबूत है। इसके पीछे हमारी जीवनशैली...

समाज के कर्मवीर: नीरज शर्मा, MLA फरीदाबाद

शत शत नमन उस संकल्प को जो कर्म पथ पर रूकता नहीं संक्रामक विपदा के काल में हमारा सेवा कार्य थमा नहीं। इसे आत्मसात किया है नीरज शर्मा ने। फरीदाबाद के लोगों के लिए नीरज शर्मा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि उम्मीद की किरण हैं।...

अपनी पहचान बनाइए, हिन्दी में हस्ताक्षर कीजिये

हिन्दी हमारी मातृभाषा है। मनुष्य की मातृभाषा उतनी ही महत्व रखती है, जितनी कि उसकी माता और मातृभूमि रखती है। एक माता जन्म देती है, दूसरी खेलने- कूदने , विचरण करने और सांसारिक जीवन निर्वाह के लिए स्थान देती है। तीसरी, मनोविचारों और मनोगत भावों...

बढ़ती संवादहीनता और बिखरते परिवार!

इंसान अपने विचार को भाषा के माध्यम से अभिव्यक्त करता है। मन के विचारों को प्रकट करने के लिए भाषा एक सशक्त माध्यम है। भाषा संवादों की जननी है। पारिवारिक जीवन में संवाद ही परिवार के लोगों को परस्पर बाँध कर रखते हैं। यदि आपस...

एमिल फार्मास्यूटिकल बनी दुनिया की पहली कंपनी जिसने बनाई हर्बल एंटी-बायोटिक दवाई!

बात बात पर एंटी-बायोटिक खाने वालों के लिए खुशखबरी है कि आयुर्वेद ने भी हर्बल एंटी-बायोटिक दवाई की खोज कर ली है। जी आपने बिलकुल ठीक सुना आयुर्वेदिक दवाई बनाने वाली एमिल फार्मास्यूटिकल ऐसी पहली कंपनी बनी जिसने फीफाट्रोल नाम की  हर्बल एंटी-बायोटिक टेबलेट तैयार की...

लोगों का झुकाव बढ़ रहा है प्राकृतिक चिकित्सा की ओर

टीम हिन्दी प्राकृतिक चिकित्सा कई चिकित्साओ से मिलकर बना है जैसे कि जल चिकित्सा,सूर्य चिकित्सा,मृदा चिकित्सा, आयुर्वेद, योग, आदि पद्धतियों से मिलकर बना है. ऐसा मानना है कि सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति यही है. इस चिकित्सा का मूल आधार यह है कि अगर आपका खान...

निर्भया के गुनहगारों की फांसी पर लोग खुश हो रहे हैं लेकिन एक फांसी के बाद खुल गए थे भारत की स्वतंत्रता के द्वार! 

निर्भया हत्याकांड के गुनहगार लगभग सात साल बाद अपने अंजाम पर पहुंच गए। निर्भया केस के चारों दोषियों को आज सुबह 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। इस तरह हजारों कानूनी अड़चनों के बाद निर्भया को इन्साफ मिला। भारत में ऐसे...

नवरात्रों में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए कलश स्थापना क्यों है आवश्यक?

नवरात्र यानि नौ दिनों का उत्सव। उत्सव माँ दुर्गा की शक्ति का, उत्सव माँ आदि की भक्ति का! नौ रात्रियाँ माँ दुर्गा के नौ रूपों से सम्बंधित हैं। बुधवार 25 मार्च 2020 से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। चैत्र मास के शुक्लपक्ष की...

कल्पना चावला जन्मदिन विशेष- आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीदों का आकाश!

"मैं अंतरिक्ष के लिए बनी हूं और इसी के लिए मरूंगी"- कल्पना चावला, जो उन्होंने कहा वह सच साबित हुआ। 1 फरवरी 2003 को पूरा संसार कल्पना चावला के अन्तरिक्ष से धरती पर सकुशल वापसी की कामना कर रहा था। लेकिन नियति ने शायद कुछ...

मोबाइल की आभासी दुनिया में मलखम्ब जैसे खेल कहीं लुप्त न हो जाएं!

वह भी क्या दिन थे जब शाम होते ही मोहल्लों की छोटी छोटी सडकें शोर से गूंजती रहती थी। ऐसा कोई पार्क नहीं होता था जहाँ बच्चों की टोलियाँ नहीं दिखती थी! खोखो, ताड़म ताड़ी, छिपम-छिपाई, गुल्लीडंडा, बाघ-बकरी, रस्सीकूद, पिट्ठू, लंगड़ी टांग, कंचे, लट्टू क्या...