आजकल

कानों में रस घोलती है सावन के गीत

टीम हिन्दी बारिश प्रकृति में नवजीवन भर देती है। हरीतिमा की फैली चादर और ऊपर से पड़ती फुहार मानव तन-मन को हुलसाती है. उसमें रस का संचार करती है. प्रेम अपने पात्र से छलकने लगता है. संवेदनशील मन में नए विचार और शब्द आते हैं....

क्यों लगता है चंद्रग्रहण ?

टीम हिन्दी यदि आपसे हम या कोई और पूछें कि चंद्र ग्रहण क्यों लगता है ? क्या जवाब देंगे ? 16 जुलाई 2019 को इस वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण लग रहा है. इस दिन क्या होगा ? आइए, हम बताते हैं. इसका सीधा सा...

नाम को सार्थक करता आयुष मंत्रालय

टीम हिन्दी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में पहली बार आयुष मंत्रालय 9 नवंबर 2014 को बनाया गया है. भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी विभाग मार्च 1995 में बनाया गया था और नवंबर 2003 में इस विभाग का नाम बदलकर आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक...

मिथिला के आम को दुनिया के बाजार में जगह दिलाने के लिए पहल की जाएगी: अश्वनी चौबे

टीम हिन्दी आप और हम सुनते आए हैं, फलों का राजा है आम. आम का जो स्वाद मिथिला में है, वह कहीं और नहीं मिलता है. हाल ही में राजधानी दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में मैथिल पत्रकार ग्रुप की ओर से तीसरा आम...

कितना वैज्ञानिक है पाँव छू कर प्रणाम करना?

टीम हिन्दी जब हम किसी आदरणीय व्यक्ति के पाँव छूते हैं, तो आशीर्वाद के तौर पर उनका हाथ हमारे सिर के उपरी भाग को और हमारा हाथ उनके चरण को स्पर्श करता है. ऐसी मान्यता है कि इससे उस पूजनीय व्यक्ति की पॉजिटिव एनर्जी आशीर्वाद...

स्नेहा खानवलकर: धुन बनाने के लिए नाप दी धरती

टीम हिन्दी हम उन्हें एक महान संगीत निर्देशक के रूप में जानते हैं, उन्होंने ‘ओ वुमनिया’ और ‘सईया काला रे’ जैसे गाने बनाए हैं. संगीत का धुन बनाने से पहले जमीन को समझने निकल पड़ी. सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा की. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के लिए...

योग करें अपने दिल के लिए

हर साल 21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिन का ये पांचवा साल है. सहक्रियता, युवा, शांति जैसी विभिन्न संकल्पनाओं के साथ पिछले चार साल में ये दिन बहुत ही कामयाबी से मनाया गया. इस साल के विश्व योग दिन की संकल्पना है,...

आइए, करें जल की चिंता

हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. अब तक पर्यावरण को लेकर कितने ही सम्मेलन हो चुके हैं. ग्लोबल वार्मिंग को लेकर कई तरह की चिंताएं हैं. हाल के दशकों में जिस प्रकार से जल संकट बढ़ा है, वह चिंता का...

इसकॅान: विश्व में गीता एवं हिंदू धर्म-संस्कृति का प्रचारक

आपने भारत में और भारत से बाहर विदेशों में हजारों महिलाओं को साड़ी पहने, चंदन की बिंदी लगाए व पुरुषों को धोती कुर्ता और गले में तुलसी की माला पहने देखा होगा. हरे रामा-हरे कृष्णा के पावन भजन करते हुए, हाथों में गीता का पुस्तक...

नई शिक्षा नीति : हिंदी को लेकर फिर बवाल ?

नई शिक्षा नीति का इंतजार लगभग दो साल से किया जा रहा था. कस्तूरीरंगन समिति ने मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को इसका मसविदा सौंपा था. नई शिक्षा नीति के मसविदे में कहा गया है कि एक अजनबी भाषा में अवधारणाओं पर समझ बनाना...

आइए… जुड़े ‘द हिन्दी’ से

वसुधैव कुटुम्बकम को आत्मसात करते हुए हमने सभी आयु वर्ग को ध्यान में रखकर एक खाका तैयार किया हुआ है. आइए, हमसे जुड़िए. द हिन्दी के साथ आइए... द हिन्दी के माध्यम से भारत की सभ्यता, संस्कृति, साहित्य और समाज को समझें. सामाजिक सरोकार और...

भारतीयता का नया ठिकाना है ‘द हिन्दी’

हिन्दी बोलने मात्र से भारत का बोध होता है। विश्व के किसी भी कोने में कोई हिन्दी बोलते और सुनते नजर आएंगे, तो उनका सरोकार भारत से ही होगा। आज हिन्दी वैश्विक पटल पर स्थान बना रही है। हिन्दी भाषियों की बढ़ती संख्या के कारण...

पैरों की धूल नहीं, माथे का चंदन है नारी

कहते हैं नारी जब शांत है, तब लक्ष्मी है. जब रौद्र रूप में आ जाए, तो महाकाली जैसी हो जाती है. एक नारी से दो घर जुड़ते हैं. दो परिवारों में खुशियां आती हैं. घर की नींव मजबूत करने का हौसला सिर्फ एक नारी के...