आरबीआई ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली मौद्रिक नीति की जारी, पिछले स्तर पर बरकरार रखा रेपो रेट, जानें विस्तार से

Rbi Ne Vitey Varsh 2024 25 Ke Pahale Maudrik Neti Ke Jare Pichale Star Par Barakarar Rakha Repo Ret Janen Vistar Se Www.thehind.in

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RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति से जुडी नई घोषणा जारी कर दी है। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली घोषणा है। आरबीआई ने फिर से एक बार ब्याज दरों यानी कि रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। इस बार की मौद्रिक नीति समिति ने इसे 6.5 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है। आपको बता दें कि केंद्रीय बैंक आरबीआई ने पिछली 6 बैठकों में रेपो दर को अपरिवर्तित ही रखा है। एक बार फिर से देश में सातवीं बार रेपो दर को पिछली बार के समान ही रखा गया है।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के छह में से पांच सदस्यों ने रेपो रेट को यथावत बनाए रखने के पक्ष में अपनी सहमति जताई है। हालांकि समिति ने देश में महंगाई को लेकर चिंता भी जाहिर की है। आरबीआई महंगाई दर में वृद्धि को लेकर काफी सतर्क है। आपको बात दें कि आरबीआई समिति की यह बैठक 3 अप्रैल को शुरू हुई थी जो कि तीन दिनों तक चली।

इस मीटिंग के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्ति कांत दास ने कहा कि वित्तीय वर्ष 24-25 में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट  (GDP Growth Rate) 7 प्रतिशत तक रह सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में मांग(Demand) में मजबूती दिख रही है। इसके साथ ही निजी खपत में बढ़त भी मिलने की उम्मीद है। उनका मानना है कि वित्तीय वर्ष 24-25 की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत तक हो सकती है। साथ ही तीसरी और चौथी तिमाही में जीडीपी 7 प्रतिशत की दर तक बढ़ने का अनुमान भी बताया गया है। महंगाई को लेकर आरबीआई ने खुदरा महंगाई का अनुमान 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। उन्होंने यह भी कहा है कि पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई दर 3.8 प्रतिशत और 4.9 प्रतिशत रह सकता है।

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Desk The Hindi

लेखक भारतीय समाज और संस्कृति के तत्वदर्शी हैं