indian literature

Rangmanch

रंग मंच

रंगमंच था सजा रामलीला मंचन के लिए आते थे जाते थे कलाकार थोड़े थोड़े अंतराल के लिए किरदार अपना निभाने के लिए पूछा एक बालक ने थोड़ा सा सकुचाते हुए दशरथ भी आए दशानन भी आया पर राम क्यों बार बार है आते असमंजस में...
Lakh Churiyan

लाख की चूड़ियों का वर्णन हमारे भारतीय वेद-पुराणों में भी है

भारत के लगभग हर घर में महिलाएं चूड़ियां पहनती है| चाहे कुंवारी हो या शादीशुदा हर किसी को चूड़ियां पहनने का शौक होता है और पहने भी क्यूं ना? यह तो महिलाओं की अत्यंत प्रिय होती है| चूड़ियों से उनकी खूबसूरती पर चार चाँद जो...

इनके दोहे को गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल किया गया है, संत रविदास जयंती विशेष

भारत की जमीन में कई महान संतों का जन्म हुआ है जिनमें से एक हैं संत रवि दस जी।  आज यानी कि 24 फरवरी 2024 को संत रवि दस जी का जन्म हुआ था| आप में से कई लोग संत रवि दस जी के बारे...

7वें अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ओलंपियाड 2024 पुरस्कार तथा सम्मान समारोह के भव्य कार्यक्रम में द हिन्दी के संस्थापक सदस्य श्री सुभाष चंद्र जी को विशिष्ट अतिथि के तौर पर सम्मानित किया गया।

हिन्दी विकास मंच द्वारा आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ओलंपियाड 2024 पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन बीते रविवार 11 फरवरी को दिल्ली के एनडीएमसी सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव श्री अशोक...
Padam Shri Usha Kiran Khan

78 वर्षीय पद्मश्री उषा किरण खान का लंबे समय से बीमार रहने के बाद रविवार को लीं अंतिम सांसे

Usha Kiran Khan Death News: 78 वर्ष की उम्र में लेखिका उषा किरण खान ने रविवार दोपहर को तीन बजकर आठ मिनट पर अंतिम सांस ली। वह कई दिनों से बीमार थीं। उनको सास लेने में परेशानी हो रही थी। आपको बता दें, कि लेखिका...

कैसी थी भारतीय कॉमिक्स की रंग बिरंगी दुनिया

HISTORY OF COMIC BOOKS IN INDIA: एक वक्त था, जब दुनिया में तकनीक का इतना बोलबाला नहीं था। लोग मनोरंजन के लिए या तो एक ही टीवी चैनल दूरदर्शन पर निर्भर रहते थे या फिर दोस्तों के साथ गप्प मार आते थे। इन सब जुगाड़ों...

साहित्य में समृद्ध है सावन का स्वर

टीम हिन्दी सावन के महीने को बरसात ऋतु का पर्याय माना जाता है. इसी कारण, यह साहित्यकारों को बहुत प्रिय रहा है. साहित्य सर्जना के अंकुर फूट जाते हैं. संस्कृत साहित्य में अगर कालिदास के वर्षा ऋतु के वर्णन को सबसे अनुपम पक्ष माना जाता...

भारत का गौरव : भारतीय साहित्य

टीम हिन्दी तमाम भारतीय भाषाओं में रचित साहित्य ही सच्चा भारतीय साहित्य है। सभी समान अधिकार के पात्र हैं। यह बात अलग है कि हिन्दी का क्षेत्र और पहुँच अन्यों से अधिक है। साथ ही यह भी सच है कि प्रान्तीय भाषाओं का लेखन हिन्दी...