tarun sharma

हरेक सवारी पर भारी, साइकिल की सवारी

आज के इस आपाधापी वाले युग में वाहनों से निकलता धुंआ, और उनका शोर पर्यावरण को तो क्षति पहुंचा ही रहा है साथ ही साथ कहीं न कहीं वह हमें भी नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में याद आती है साइकिल! इस दो पहिया वाहन...
Hindi Matrbhasha

संस्कृति की संजीव संवाहक होती है हमारी मातृभाषा।

मातृभाषा का मतलब अक्सर यही निकाला जाता है कि जो भाषा या बोली बच्चे की माँ बोलती है वही मातृभाषा कहलाती है। यानी बच्चा अपनी माँ को जिस भी भाषा या बोली में बात करते हुए सुनता है वह वह उसकी भाषा भी बन जाती...

खिचड़ी के चार यार दही, पापड़, घी, अचार – रक्षा पंड्या

कभी खट्टा तो कभी मीठा, कभी चटपटा तो कभी तीखा। अलग - अलग स्वाद और सुगंध वाले इस व्यंजन की तो बात ही निराली है। जब कभी सब्जी या तरकारी न हो खाने में तब यही व्यंजन है जो रोटी के साथ अत्यधिक खाया जाता...

कहते हैं कि ‘ग़ालिब’ का है अंदाज़-ए-बयाँ और।

पूछते हैं वो कि 'ग़ालिब' कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या मिर्ज़ा असदुल्ला बेग खां, जिन्हें आज पूरा विश्व मिर्ज़ा ग़ालिब के नाम से जानता है, भारतीय उपमहाद्धीप के एक महत्वपूर्ण कवि थे। ग़ालिब का पूरा नाम मोहम्मद असदउल्लाह खान था। ग़ालिब को...
Guruji

स्वत्व और स्वाभिमान से प्रकाशित होने का पर्व है गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर यात्रा और स्वाभिमान को जाग्रत कराने वाले परम् प्रवर्तक  के लिये नमन् दिवस । जो हमें अपने आत्मवोध, आत्मज्ञान और आत्म गौरव का भान कराकर हमारी क्षमता के अनुरूप जीवन यात्रा का...

गुरुजी ने दिया था सामाजिक समरसता पर सबसे अधिक जोर

टीम हिन्दी ‘जिस प्रकार किसी पेड़ के बढ़ते समय उसकी सूखी शाखाएँ गिरकर उनके स्थान पर नई-नई शाखाएँ खड़ी हो जाती हैं उसी प्रकार अपने समाज में भी एक समय विद्यमान वर्ण व्यवस्था में बदल कर अपने लिए आवश्यक नई रचना समाज करेगा. यह समाज...

अब अपनी वर्क डेस्क पर ही करे ये 5 आसान योगासन।

आजकल इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हमारे पास अपने लिए थोड़ा सा भी समय नहीं है। और ऐसे में में हम कहीं न कहीं अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी अनदेखा करते रहते हैं। वर्क प्लेस पर सुबह से लेकर शाम तक एक ही जगह...

मानवता के लिए करे योग।

हर साल जून महीने की 21 तारीख को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया जाता है। सहक्रियता, दिल के लिए योग जैसी विभिन्न संकल्पनाओं के साथ पिछले कई सालों में योग दिवस बहुत ही कामयाबी से मनाया गया. इस साल के विश्व योग दिन की संकल्पना है,...

अज्ञानता के बादल को हटाने का माध्यम : योग

टीम हिन्दी भारत में योग की परंपरा उतनी ही पुरानी है जितनी कि भारतीय संस्कृति। किसी न किसी रूप में इसके साक्ष्य पूर्व वैदिक काल और हड़प्पा-मोहनजोदड़ो की सभ्यताओं से भी पहले से ही मौजूद रहे हैं। सालों में गिना जाय तो इसका इतिहास 10...
Varanasi Luxury Cruise

अब प्राचीन नगरी वाराणसी में भी लीजिए आधुनिक क्रूज का आनंद।

अपने ऐतिहासिक घाटों, भव्य मंदिरों और भोजन के विशिष्ट स्वाद के कारण वाराणसी भारत के सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। एक चीज़ और है जो इस नगर को एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में और भी आकर्षक बनाती है...
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ध्यान योग के वाहक महर्षि महेश योगी

आज की युवा पीढ़ी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाती है. योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि को पहचानी है. लेकिन, इसके साथ ही उसे महर्षि महेश योगी को भी जानना चाहिए, जिन्होंने भारत देश में ही नहीं, अपितु विश्व-भर में उन्होंने इस ध्यान योग के...
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गाय का गोबर : हमारी सभ्यता से संस्कृति तक

गोबर वस्तुतः गो + वर है। यानी गौ माता का दिया वरदान। गाय के गोबर को हमारी भारतीय संस्कृति में हमेशा से अत्यधिक महत्व दिया गया है। पंचगव्य में एक तत्व गोबर भी शामिल है। गांवों में तो आज भी किसी मांगलिक कार्य से पहले...

भारत में वेब सीरीज की बढ़ती लोकप्रियता]

जैसा कि सब जानते हैं कि, आज का युग इंटरनेट का युग है। और आज हरेक व्यक्ति के पास अपना खुद का मोबाइल एवं भरपूर इंटरनेट डेटा है, जिसे वो अपनी सविधानुसार जब चाहे तब इस्तेमाल कर सकता है। अगर देखा जाए तो, 90-92 का...
Save Water

जल – आज और कल

सनातन परंपराओं में प्रकृति संरक्षण के सूत्र मौजूद हैं। हमारे यहां प्रकृति पूजन को प्रकृति संरक्षण के तौर पर मान्यता है। भारत में पेड़-पौधों, नदी-पर्वत, ग्रह-नक्षत्र, अग्नि-वायु सहित प्रकृति के विभिन्न रूपों के साथ मानवीय रिश्ते जोड़े गए हैं। पेड़ की तुलना संतान से की...