tarun sharma

अपनी पहचान बनाइए, हिन्दी में हस्ताक्षर कीजिये

हिन्दी हमारी मातृभाषा है। मनुष्य की मातृभाषा उतनी ही महत्व रखती है, जितनी कि उसकी माता और मातृभूमि रखती है। एक माता जन्म देती है, दूसरी खेलने- कूदने , विचरण करने और सांसारिक जीवन निर्वाह के लिए स्थान देती है। तीसरी, मनोविचारों और मनोगत भावों...

विश्व भर में पहुँच है हमारी हिन्दी की

यदि यह कहा जाए कि 21वीं विज्ञान एवं तकनीक के सहारे पूरी दुनिया एक वैश्विक गाँव में तब्दील हो रही है और स्थलीय व भौगोलिक दूरियां अपनी अर्थवत्ता खो रहीं हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. वर्तमान विश्व व्यवस्था आर्थिक और व्यापारिक आधार पर ध्रुवीकरण...

लोगों का झुकाव बढ़ रहा है प्राकृतिक चिकित्सा की ओर

टीम हिन्दी प्राकृतिक चिकित्सा कई चिकित्साओ से मिलकर बना है जैसे कि जल चिकित्सा,सूर्य चिकित्सा,मृदा चिकित्सा, आयुर्वेद, योग, आदि पद्धतियों से मिलकर बना है. ऐसा मानना है कि सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति यही है. इस चिकित्सा का मूल आधार यह है कि अगर आपका खान...

हिन्दी भाषा अभियानी तरुण शर्मा सम्मानित

नई दिल्ली। राष्ट्रवाद के प्रखर कवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती के अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला और कवि सम्मेलन के दौरान हिन्दी भाषा अभियानी और द हिन्दी के प्रबंध संपादक एवं मीडिया डिज़ाइन्स के निदेशक एवं संस्थापक श्री तरुण शर्मा को सम्मानित किया गया।...

समर्थ लोगों के साथ यात्रा कर रही है ‘द हिन्दी’

किसी भी परिकल्पना को साकार करने के लिए अत्यावश्यक है कि उसके साथ कैसे लोग हैं ? उनकी सोच और संस्कार कैसी है ? उनका मूल क्या है ? उनके पास कार्यानुभव कितना है ? ऐसे कई दूसरे सवाल भी हो सकते हैं, जिनका जवाब...

आइए… जुड़े ‘द हिन्दी’ से

वसुधैव कुटुम्बकम को आत्मसात करते हुए हमने सभी आयु वर्ग को ध्यान में रखकर एक खाका तैयार किया हुआ है. आइए, हमसे जुड़िए. द हिन्दी के साथ आइए... द हिन्दी के माध्यम से भारत की सभ्यता, संस्कृति, साहित्य और समाज को समझें. सामाजिक सरोकार और...